पटना: JDU के बयान पर BJP का पलटवार, कहा- LS चुनाव में हमने छोड़ी थी जीती हुई 5 सीटें

बीजेपी प्रवक्ता ने इशारों ही इशारों पर जेडीयू नेता केसी त्यागी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि जो समन्वय कमेटी की बात कर रहे हैं, उन्हें बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से बात करना चाहिए.

पटना: JDU के बयान पर BJP का पलटवार, कहा- LS चुनाव में हमने छोड़ी थी जीती हुई 5 सीटें
बीजेपी नेता ने कहा कि हम अपने सहयोगी दलों को पूरा सम्मान देते हैं. (फाइल फोटो)

पटना: महाराष्ट्र में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिवसेना (Shivsena) के अलग होने से लगातार सवाल उठ रहे हैं. विरोधी निशान साध कर कह रहे हैं कि बीजेपी अपने सहयोगी दलों को ठीक से इज्जत और सम्मान नहीं देती है, इसलिए गठबंधन के साथ अलग हो रहे हैं.

इस बीच बीजेपी ने अपने विरोधियों पर पलटवार करते हुए कहा है कि सारे आरोप बेबुनियाद हैं. बीजेपी प्रवक्ता प्रेमरंजन पटेल ने कहा है कि पार्टी अपने सहयोगियों को इज्जत और सम्मान देती है. साथ ही सभी को जोड़कर रखने कोशिश भी करती है.

प्रेमरंजन ने कहा कि बीजेपी ने 2019 लोकसभा चुनाव में जेडीयू (JDU) को 17 सीट दिया था और अपनी जीती हुई 5 सीट भी छोड़ दिया था. बीजेपी प्रवक्ता ने इशारों ही इशारों पर जेडीयू नेता केसी त्यागी के बयान पर पलटवार करते हुए कहा कि जो समन्वय कमेटी (Coordination committee) की बात कर रहे हैं, उन्हें बीजेपी के शीर्ष नेतृत्व से बात करना चाहिए, ये मीडिया में तो नहीं होगा.

बीजेपी नेता ने कहा कि पार्टी का एलजेपी (LJP) और जेडीयू के साथ सिर्फ बिहार में गठबंधन है. उन्होंने कहा कि महागठबंधन (Mahagathbandhan) कुछ भी कर ले कुछ नहीं होगा. प्रवक्ता ने कहा कि महाधरना हो या महागठबंधन कुछ नहीं होगा.

उन्होंने कहा कि रघुवर दास (Raghubar Das) सरकार के विरोध जो गलत प्रचार करेगा जनता उसे सबक सिखाएगी. आपको बता दें कि जेडीयू के प्रधान महासचिव केसी त्यागी ने एनडीए (NDA) में समन्वय समिति बनाने की मांग की थी. त्यागी ने कहा कि इससे घटक दलों के बीच आपसी टकराव कम होगा.

इसके साथ ही त्यागी ने कहा कि  बीजेपी हर चुनाव को अपने दम पर लड़ना चाहती है और घटक दलों के साथ नहीं चाहती है. यहीं वजह की बीजेपी झारखंड में अकेले चुनाव लड़ रही है.

आपको बता दें कि बिहार में बनें महागठबंधन में समन्वय कमेटी को लेकर बवाल मचा हुआ है. हिंदुस्तान आवाम मोर्चा के प्रमुख जीतन राम मांझी भी महागठबंधन में लगातार समन्वय कमेटी बनाने की मांग कर रहे हैं. मांझी ने बकायदा ऐलान किया है कि अगर जल्द से जल्द समन्वय कमेटी नहीं बनाई गई तो वह कुछ बड़ा फैसला ले सकते हैं.