World Sleep Day 17 March: क्या आप जानते हैं कि हम अपने जीवनकाल का एक तिहाई समय सोने में बिताते हैं. अमेरिका की सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल (Centre for Disease Control and Prevention USA) के मुताबिक दुनिया की आबादी का एक बड़ा हिस्सा नींद न आने की महामारी (Insufficient Sleep Epidemic ) के दौर से गुजर रहा है. अगर भारत की बात करें तो यहां की लगभग आधी आबादी को नींद नहीं आती. एम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक भारत में 33 से 50 प्रतिशत लोगों को रात में नींद न आने की शिकायत है. 


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इसकी वजह से मोटापा, डायबिटीज, हाई ब्लड प्रेशर और हार्ट अटैक से लेकर ब्रेन स्ट्रोक तक हो सकता है. रात को समय से नींद न लेने वालों को याददाश्त कम होने की शिकायत हो सकती है. दिनभर आप चिड़चिड़े रहते हैं, काम करने की एनर्जी नहीं रहती और शरीर में सूजन रह सकती है. एम्स की रिसर्च के मुताबिक 5 घंटे से कम सोने वालों को हार्ट अटैक का खतरा ज्यादा होता है. 87 प्रतिशत भारतीय सोने से ठीक पहले फोन पर अपना वक्त बिता रहे हैं, जिसकी वजह से नींद आंखों से कोसों दूर है. 


अच्छी नींद किसे कहते हैं
ऐसी नींद जिसके बाद आप सुबह होने पर आप तरोताजा दिखाई दें. दिनभर के कामों के लिए आप एनर्जेटिक फील करें. रात को सूकून वाली नींद फोकस और याद्दाश्त और इम्युनिटी बढ़ाती है. साथ ही शरीर में सूजन कम कर सकती है और बहुत सी बीमारियों से बचाने का काम करती है.


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अच्छी नींद न आने के नुकसान (Disadvantage Of Bad Sleep)
अगर आप भरपूर सो नहीं पाए हैं तो लंबे समय तक ऐसा होते रहने से आप कई बीमारियों को बैठे बिठाए दावत दे देते हैं. एम्स की रिसर्च के मुताबिक 7 घंटे सोने वालों के मुकाबले ऐसे लोग, जो 5 घंटे से भी कम की नींद ले रहे हैं, उन्हें हार्ट अटैक का खतरा 56% ज्यादा रहता है. अगर आप लगातार 17 से 18 घंटे तक की नींद कम ले पाए हैं तो आपको सीरियस डिसऑर्डर हो सकते हैं. 17 घंटे से ज्यादा का बैकलॉग रोड एक्सीडेंट्स की बड़ी वजह बन सकता है.  


10 हजार लोगों पर किया गया रिसर्च 
वर्ल्ड स्लीप डे (World Sleep day) पर एक और सर्वे सामने आया है.  मैट्रेस कंपनी वेकफिट Wakefit.co हर वर्ष ग्रेट इंडियन स्लीप स्कोर कार्ड जारी करती है. ये स्टडी पिछले 6 साल से की जा रही है. स्टडी का डाटा ढाई लाख लोगों के Responce के आधार पर जारी होता है. इस बार ये सर्वे मार्च 2022 से फरवरी 2023 के बीच किया गया और इस बार 10 हजार लोगों पर स्टडी की गई. 


इस साल के डाटा के मुताबिक भारत की 55% आबादी रात 11 बजे के बाद सोती है. 90% लोग रात में एक या दो बार उठते हैं. 87% लोग सोने से ठीक पहले अपना फोन चेक करते हैं. फोन चेक करने वाले 74% लोगों की उम्र 25 से 34 साल के बीच है. 38% लोग रात में सोने से पहले अपने भविष्य की चिंताओं में डूब जाते हैं और नींद खराब कर रहे हैं.


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बच्चों को नींद न आने की शिकायत 
18 साल के कम के 40% बच्चे मानते हैं कि वो नींद न आने की परेशानी के शिकार हैं. 25 से 34 साल के 56% लोगों को लगता है कि उन्हें ठीक से नींद नहीं आती. भारत में 54 पुरुष और 59% महिलाएं रात 11 बजे के बाद सोने जाते हैं. 53% महिलाओं और 61% पुरुषों ने कहा कि वो सुबह उठने पर फ्रेश महसूस करते हैं. हालांकि ऑफिस में 56% पुरुष और 67% महिलाएं Sleepy महसूस करते हैं. उन्हें ऑफिस में नींद आती रहती है. पिछले वर्ष के मुकाबले ये परेशानी 21% बढ़ी है.  


स्वस्थ रहने के लिए कितनी नींद पर्याप्त
हार्वड यूनिवर्सिटी की Sleep Guidelines के मुताबिक बच्चों को 10 से 12 घंटे, वयस्कों को 8 घंटे और बुजर्गों को 6-7  घंटे सोना चाहिए.  


क्या कहता है आयुर्वेद (What does Ayurveda say)
आयुर्वेद के मुताबिक हमारा शरीर प्रकृति के साथ तालमेल से चलता है और इसीलिए नींद उजाले के वक्त नहीं, अंधेरे के वक्त लेनी चाहिए इसका एक वैज्ञानिक पहलू ये भी है कि इंसान के शरीर में melatonin नाम का हार्मोन अमूमन देर रात बनता है. विशेषज्ञों के मुताबिक ऐसा देखा गया है कि ये हार्मोन 11 बजे और 3 बजे रिलीज होता है. ये हार्मोन इंसान के स्लीप साइकल को क.ट्रोल करता है। अगर इंसान सही समय पर नहीं सो रहा तो हार्मोन भी गड़बड़ा जाता है. वैसे तो जागने और काम करने के लिए प्रकृति ने दिन और सोने के लिए रात बनाई है लेकिन अगर आप ऐसा नहीं कर सकते तो कुछ टिप्स आपके काम आ सकते हैं.  


काम आएंगे ये टिप्स (Follow These Tips)
अच्छी नींद के लिए शांत और पर्याप्त हवादार वातावरण, कमरे में हल्की सुगंध, कानों को मधुर लगने वाला संगीत मदद कर सकता है. फोन और टीवी स्क्रीन को सोने से आधा घंटा पहले खुद से दूर कर दें. रात का भोजन सोने से समय से कम से कम दो घंटे पहले कर लें. जो लोग नींद ना आने की गंभीर समस्या के शिकार हैं वो योग, पंचकर्म, डायट में बदलाव और डॉक्टरी सलाह से दवाएं ले सकते हैं. 


इनके सेवन से मिलेगी सुकूनभरी नींद 
एम्स ने नींद पर की गई रिसर्च में पाया कि आयुर्वेदिक तरीके जैसे शिरोधारा, गुनगुने पानी से मुंह, हाथ और पैरों को धोना और पैरों की मालिश करने के फायदा होता है. रिसर्च में देखा गया कि कुछ विशेष खान-पान जैसे अश्वगंधा, ब्रहमी, गन्ना, अंगूर, गुड़ और भैंस का दूध अच्छी नींद में मदद करते हैं. भारत में सदियों से रात में खाने के बाद गुड़ खाने या सोने से पहले दूध पीने की आदत है. शायद आपको पता न हो कि ये अच्छी नींद का आयुर्वेदिक नुस्खा भी है.