प्रशासन का कहना है कि सभी को पहले घर खाली करने के आदेश दिए गए थे, लेकिन जनता का कहना है कि घर गिराने से पहले हमारे ऊपर से बुल्डोजर निकालना होगा.
Trending Photos
रोहतक: सिंहपुरा गांव में अवैध निर्माण तोड़ने को लेकर पुलिस और ग्रामीण आमने-सामने आ गए हैं. यहां सरकार ने ग्राम पंचायत की जमीन पर 50 साल पहले अवैध रूप से बनाए गए 11 मकानों को गिराने का आदेश दिया है. वहीं ग्रामीणों का कहना है कि किसी भी सूरत में घरों को तोड़ने नहीं देंगे. इधर प्रशासन ने अवैध निर्माण को तोड़ने की तैयारी शुरू कर दी है.
दरअसल रोहतक जिले के सिंहपुरा गांव में 50 साल पहले बनाए 11 अवैध निर्माणों को तोड़ने का आदेश कोर्ट ने दिया था. आज जब ग्रामीणों को भनक लग गई कि प्रशासनिक अधिकारी मकानों को तोड़ने के लिए आ रहे हैं तो ग्रामीण व प्रशासन आमने-सामने आ गए. तनाव बढ़ने के बाद फिलहाल अवैध निर्माण को तोड़ने का काम रोक दिया गया है.
ये भी पढ़ें : महिलाओं की बसों में पुरुष यात्रियों का क्या काम, रोडवेज बस ड्राइवर की लापरवाही आई सामने
सिंहपुरा गांव में अवैध निर्माण गिराने के लिए प्रशासन और ग्रामीण आज आमने सामने आ गए. ग्रामीणों ने सरकार और प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. ग्रामीणों का कहना है कि इन मकानों को गिराने के लिए प्रशासन को उनकी लाश पर गुजरना होगा। वहीं दूसरी ओर प्रशासन को अवैध निर्माण ढहाने के लिए हाईकोर्ट का नोटिस मिला है.
गांव के सरपंच प्रमोद कुमार का कहना है कि किसी भी कीमत पर मकानों को नहीं तोड़ने दिया जाएगा। आम आदमी पार्टी के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष नवीन जयहिंद भी मौके पर पहुंचे। उन्होंने कहा कि सरकार बेवजह गरीबों को परेशान कर रही है. सरकार जगह जगह हो रहे अवैध कब्जों को क्यों नहीं गिरा रही.
उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार गरीबों को केवल परेशान करने का काम कर रही है. वहीं मौके पर पहुंची पुलिस अधिकारी ने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि ग्रामीण यहां पर इकट्ठा हुए हैं. शांति बनाए रखने के लिए वह यहां पर पहुंचे हैं.