Yamunanagar Kalesar National Park: हरियाणा के लोगों के लिए अच्छी खबर है. यमुनानगर के कलेसर राष्ट्रीय उद्यान (Kalesar National Par) में लगभग 3 साल से बंद पड़ी जंगल सफारी को एक बार फिर से पर्यटकों के लिए खोल दिया गया है. कोरोना महामारी के दौरान सरकार ने इसे बंद करने का फैसला लिया था. जिसके खुलने का पर्यटक लंबे समय से इसके खुलने का इंतजार कर रहे थे, जो अब खत्म हो गया है. 


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2015 में हुई शुरुआत
यमुनानगर का कलेसर राष्ट्रीय उद्यान 13 हजार 482 एकड़ मे फैला हुई है, साल 2015 में यहां जंगल सफारी की शुरुआत हुई. इसकी खास बात ये भी है कि ये उद्यान दो अन्य राज्यों से भी जुड़ा हुआ है. दरअसल,  कलेसर राष्ट्रीय उद्यान, उत्तराखंड के राजाजी नेशनल पार्क व हिमाचल के सिंबलवाड़ा से जुड़ा हुआ है. इसमें सैलानी 14 किलोमीटर की सैर कर सकते हैं. इसी साल अप्रैल महीने में यहां 110 साल बाद बाघ भी देखा गया था, साथ ही पर्यटक यहां कई अन्य विलुप्त जीवों को भी देख सकते हैं. 


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जंगल सफारी के दौरान आप बाघ, तेंदुए, सांबर, बिल्ली, चित्तल, जंगली धब्बेदार बिल्ली, नीलगाय, भालू, हाथी, लंगूर, बंदर, जंगली मुर्गों के साथ ही कई अन्य विलुप्त जानवरों को भी देख सकते हैं. साथ ही वन विभाग द्वारा यहां पर नाइट विजन कैमरे भी लगाए गए हैं, जिनकी मदद से वन्यजीवों की चहलकदमी कैमरे में कैद हो जाती है. 


कब से कब तक कर सकते हैं सफारी की सैर
कलेसर राष्ट्रीय उद्यान की जगंल सफारी में 14 किलोमीटर का रूट बनाया गया है, जिसमें पर्यटक सैर कर सकते हैं. सफारी में सैर का समय सुबह 6 बजे से 11 बजे तक, शाम के समय 3 से 5 बजे तक का है.यहां चलने वाली जीप का किराया 1,100 रुपये है, जिसमें एक बार में 7 लोग बैठ सकते हैं. 7 लोगों में 5 बड़े और 2 बच्चे शामिल हों. वहीं जंगल सफारी में प्रवेश शुल्क भी बेहद कम रखा गया है. भारतीय नागरिकों को 50 रुपये, बच्चों को 30 रुपये और विदेशी नागरिकों को प्रवेश के लिए 200 रुपये चुकाने पड़ेंगे. इस नए साल अगर आप भी जंगल सफारी की सैर करना चाहते हैं तो  कलेसर राष्ट्रीय उद्यान आपके लिए बेस्ट ऑप्शन है.