Sirsa: Right to Health Bill के विरोध में कल बंद रहेंगे जिलेभर के अस्पताल, इमरजेंसी सेवाएं भी रहेंगी बाधित
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Sirsa: Right to Health Bill के विरोध में कल बंद रहेंगे जिलेभर के अस्पताल, इमरजेंसी सेवाएं भी रहेंगी बाधित

Sirsa News: राजस्थान में लागू किए गए राइट टू हेल्थ बिल के विरोध में सिरसा जिले के अस्पताल  कल बंद रहेंगे और साथ ही इमरजेंसी सेवाएं भी बाधित रहेगी. डॉक्टरों की हड़ताल के समर्थन में सिरसा से 30 डॉक्टरों का एक दल राजस्थान रवाना होगा.

Sirsa: Right to Health Bill के विरोध में कल बंद रहेंगे जिलेभर के अस्पताल, इमरजेंसी सेवाएं भी रहेंगी बाधित

सिरसा: राजस्थान में लागू किए गए राइट टू हेल्थ बिल (Right to Health Bill) के विरोध में आईएमए से जुड़े चिकित्सकों द्वारा 4 अप्रैल को हड़ताल की जाएगी.  4 अप्रैल को सुबह 6 बजे से 5 अप्रैल सुबह 6 बजे तक सभी अस्पताल बंद रहेंगे और कोई इमरजेंसी सेवाएं भी नहीं ली जाएगी. डॉक्टरों की हड़ताल के समर्थन में सिरसा से 30 डॉक्टरों का एक दल राजस्थान रवाना होगा.

क्या है राइट टू हेल्थ बिल? (Whats is Right to Health Bill)
राइट टू हेल्थ बिल में सार्वजनिक स्वास्थ्य सुविधाओं में ओपीडी और आईपीडी सेवाओं को फ्री लेने का अधिकार है. साथ ही कुछ प्राइवेट अस्पताओं में भी ये सुविधा दी जाएगी. इसका मतलब ये हुआ कि राजस्थानवासियों को अस्पताल और क्लीनिक में फ्री मेडिकल सेवा उठाने का मौका मिलेगा. इसके बाद अब अस्पतालों में मरीज के इलाज के लिए डॉक्टर मना नहीं कर सकेगा. ये प्राइवेट अस्पतालों पर लागू की गई है. 

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इस बारे जानकारी देते हुए आईएमए सचिव डॉ. अंकुश मेहता ने बताया कि सरकार चिकित्सक संगठनों से बिना बातचीत किए राइट टू हैल्थ बिल लेकर आई है, जोकि डॉक्टर्स को किसी कीमत पर मंजूर नहीं है. उन्होंने कहा कि देशभर में इस बिल का विरोध किया जा रहा है, लेकिन इसके बावजूद सरकार बिल को वापस लेने के मुद्दे पर बातचीत से कन्नी कतरा रही है. उन्होंने बताया कि सरकार इस बिल के माध्यम से प्राइवेट डॉक्टरों और अस्पतालों को अपने नियंत्रण में लेना चाहती है. 

चिकित्सा जगत से जुड़े सभी अस्पताल और चिकित्सक नियमों को ध्यान में रखकर ईमानदारी से अपना पेशा चला रहे हैं. सरकार सिर्फ और सिर्फ कमियां निकालकर चिकित्सकों पर दबाव बनाने का प्रयास कर रही है, जिसे चिकित्सक जगत कभी बर्दाश्त नहीं करेगा. उन्होंने कहा कि चिकित्सक जगत का मकसद आमजन को परेशान करने का नहीं है, बल्कि वे अपने पेशे को बचाने की लड़ाई लड़ रहे हैं. आमजन भी उनकी इस परीक्षा की घड़ी में साथ दें और इस बिल को वापस लेने के लिए सरकार पर दबाव बनाएं. वही उन्होंने कहा कि कल की हड़ताल को लेकर आईएमए सिरसा की और से सिरसा उपयुक्त कार्यालय में ज्ञापन भी सौंपा गया है.
 
Input: विजय कुमार

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