अहमदाबाद: उत्तर प्रदेश में धर्मांतरण कराने की साजिश (Religious Conversion Conspiracy in UP) के तार देश के पश्चिमी हिस्से तक जुड़े होने का खुलासा हुआ है. इस कड़ी में यूपी एटीएस (UP ATS) ने  अब गुजरात एटीएस (Gujarat ATS) की मदद से एक और आरोपी को गिरफ्तार किया है. पुलिस के हत्थे चढ़े आरोपी का नाम सलाउद्दीन है जो वड़ोदरा का रहने वाला था. सलाउद्दीन को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाया जा रहा है.


फंडिग का काम करता था सलाउद्दीन


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वहीं एटीएस के मुताबिक सलाउद्दीन और उमर गौतम के बीच फंडिंग का सीधा कनेक्शन सामने आया है. उत्तर प्रदेश की पुलिस अब सलाउद्दीन को तीन जुलाई के दिन यूपी की कोर्ट में पेश करेगी. इसके पहले सोमवार को यूपी एटीएस ने धर्मांतरण मामले (UP Religious Conversion Case) में तीन और लोगों को गिरफ्तार किया था. जिनमें बाल कल्याण मंत्रालय का इंटरप्रेटेटर इरफान ख्वाजा खान और अपना धर्म परिवर्तन कर चुके दो मूक बधिर राहुल भोला और मन्नू यादव उर्फ अब्दुल मन्नान शामिल थे.


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'इस दिशा में बढ़ेगी जांच'


अब यूपी पुलिस सलाउद्दीन की गतिविधियों, उसके धन के स्रोत कितने धर्मांतरण के लिए मजबूर किया गया जैसे एंगल की जांच करेगी. वहीं पुलिस एक मौलाना उमर गौतम की भी तलाश कर रही है, जिसे धर्मांतरण गतिविधियों के पीछे का मास्टरमाइंड माना जाता है. 


लालच देकर इस्लाम अपनाने को किया मजबूर


सोमवार को अपर पुलिस महानिदेशक कानून व्यवस्था प्रशांत कुमार ने मीडिया को बताया था कि मूक बधिरों की भाषा समझने और उन्हें अपनी भाषा समझाने वाला इरफान मूक बधिरों को ऐसा ज्ञान देने लगा जिससे कुछ मूक बधिरों को अपने ही धर्म से नफरत होने लगी. इरफान खान मूक बधिरों को इस्लाम का ज्ञान देता था और दूसरे धर्मों की बुराइयां करता था. एडीजी का दावा है कि इरफान तरह-तरह के प्रलोभन देकर इस्लाम धर्म अपनाने के लिए मूक बधिरों को तैयार करता था.


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