छत्तीसगढ़ चुनाव 2018: विकास के लिए तरस रहे मुंगेली में क्या फिर जीत दर्ज कर पाएगी भाजपा

 मैकल पर्वतों से घरा मुंगेली अचानकमार टाईगर रिजर्व के लिए देश भर में प्रख्यात है. रहन और शिवनाथ नदी के आस-पास फैला यह जिला अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के चलते सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बना रहता है. 

छत्तीसगढ़ चुनाव 2018: विकास के लिए तरस रहे मुंगेली में क्या फिर जीत दर्ज कर पाएगी भाजपा
फाइल फोटो

बिलासपुरः अनुसूचित जाति के लिए आरक्षित छत्तीसगढ़ की मुंगेली विधानसभा सीट पर पिछले एक दशक से भारतीय जनता पार्टी का राज है, लेकिन क्षेत्र में फैली अव्यवस्थाएं इस बार भाजपा को मुश्किल में डालती दिखाई दे रही हैं. प्रदेश के पिछड़े क्षेत्रों में शुमार मुंगेली अनुसूचित जाति, जनजाति बाहुल्य क्षेत्र है. ऐसे में किसी भी पार्टी की जीत और हार इन्हीं के मतों पर निर्भर करती है. जनता से क्षेत्र के विकास के वादे कर मुंगेली को अपने कब्जे में लेने वाली भाजपा को लेकर अब जनता में कहीं न कहीं गुस्सा देखने को मिल रहा है. जिसके चलते मुंगेली विधानसभा सीट भाजपा के हाथों से खिसकती हुई नजर आ रही है.

मुंगेली विधानसभा सीट
बता दें मुंगेली, बिलासपुर जिले से अलग होकर बना है. जहां एक ओर बिलासपुर आज प्रदेश के सबसे विकसित और बड़े शहरों में शुमार है तो वहीं मुंगेली आज भी विकास से कोसों दूर है. मैकल पर्वतों से घरा मुंगेली अचानकमार टाईगर रिजर्व के लिए देश भर में प्रख्यात है. रहन और शिवनाथ नदी के आस-पास फैला यह जिला अपनी प्राकृतिक खूबसूरती के चलते सैलानियों के आकर्षण का केंद्र बना रहता है. 

2003 विधानसभा चुनाव नतीजे
बता दें 2003 में इस सीट पर कांग्रेस प्रत्याशी चंद्रभान ने 41,377 वोटों के साथ जीत दर्ज कराई थी, जबकि बीजेपी प्रत्याशी विक्रम मोहले को 34,621 वोट ही मिल सके. 

2008 विधानसभा चुनाव नतीजे
2003 में मिली हार को देखते हुए बीजेपी ने 2008 में अपना प्रत्याशी बदलते हुए पुन्नुलाल मोहले को मुंगेली विधानसभा सीट पर उतारा और पुन्नुलाल मोहले ने 52,074 वोटों के साथ जीत हासिल की. उनकी तुलना में कांग्रेस प्रत्याशी चूरावान मंगेशकर 41,749 वोट ही हासिल कर पाए. 

2013 विधानसभा चुनाव नतीजे
वहीं 2013 में जीत को कायम रखते हुए बीजेपी के पुन्नुलाल मोहले ने फिर 61,026 वोटों के साथ जीत हासिल की. जबकि उनकी तुलना में कांग्रेस के चंद्रभान को 58,281 वोट ही मिल सके.