ग्वालियर: जिस दवा एंटीबॉडी कॉकटेल से अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ठीक हुए थे. उस दवा को उपयोग के लिए अब ग्वालियर के जयारोग्य अस्पताल में भी भेजा गया है. जयारोग्य अस्पताल को प्रारंभिक दौर में 50 वाइल इस दवाओं के मिले हैं. 


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इसको लेकर अस्पताल समूह के अधीक्षक डॉ आरकेएस धाकड़ का कहना है कि यह एक्सपेरिमेंटल थेरेपी है. अभी इसके बारे में यह दावा नहीं किया जा सकता कि इससे मरीज ठीक होगा ही, जो दवा मिली है उसके साथ गाइडलाइन भी मिली है. जिसके बाद अस्पताल समूह के क्लिनिकल रिसर्च टास्क फोर्स के 5 डॉक्टर पहले मरीजों को चिन्हित करेंगे बाद में उन्हें यह दवा देंगे.


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किन लोगों को लगेगी?
डॉक्टर धाकड़ का कहना है कि यह दवा गंभीर मरीजों के लिए नहीं है, बल्कि जिन मरीजों को मध्यम या कम लक्षण हैं और जिन लोगों को पहले से लिवर-किडनी आदि की बीमारी है उनको यह दी जा सकती है.


आखिर क्या है एंटीबॉडी कॉकटेल?
दरअसल, एंटीबॉडी कॉकटेल दो दवाइयों का मिश्रण है,1200 एमजी की एक मिश्रित डोज तैयार किया गया है. इसमें केसिरिमिविमैब 600mg और इमदेविमैब  600mg को मिलाकर तैयार किया गया है. यह दवा 12 साल से अधिक उम्र के और 40 किलोग्राम वजन से अधिक वाले लोगों पर ही इस्तेमाल की जा सकती है. 


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पहले बार में फेल हो गई थी दवा
अभी इस दवा को देश के प्रमुख अस्पतालों को ही उपलब्ध कराया गया है।एक्सपर्ट के अनुसार अभी केवल यह एक्सपेरिमेंट थेरेपी है. पहली बार जब अमेरिका में इस दवा का ट्रायल किया गया तो उसके परिणाम सार्थक नजर नहीं आए थे जिसके बाद इसे रिजेक्ट कर दिया गया था. बाद में कुछ और मोल्युकुल मिलाकर इसे तैयार किया गया.