MLA जीतू पटवारी के खिलाफ लामबंद हुए इंदौर नगर निगम के कर्मचारी, पुलिस से की कार्रवाई की मांग

मामला सामने आने के बाद नगर निगम के कर्मचारी सुबह-सुबह थाने पहुंच गए. 

MLA जीतू पटवारी के खिलाफ लामबंद हुए इंदौर नगर निगम के कर्मचारी, पुलिस से की कार्रवाई की मांग
प्रदर्शन करते नगर निगम के कर्मचारी

इंदौरः कांग्रेस विधायक और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी और इंदौर नगर निगम के कर्मचारियों के बीच हुआ विवाद अब बढ़ता जा रहा है. क्योंकि नगर निगम के कर्मचारी जीतू पटवारी के खिलाफ लामबंद होते नजर आ रहे हैं. देर रात तक चली उठापटक के बाद आज सुबह-सुबह निगम के कर्मचारी राजेंद्र नगर थाने पहुंचे और पूर्व मंत्री जीतू पटवारी के खिलाफ शासकीय कार्य में बाधा डालने का केस दर्ज करवाने की मांग की. 

यह है पूरा मामला 
दअरसल, एक दिन पहले सरकार के द्वारा चलाया जा रहा डेंगू जागरूकता अभियान में पूर्व मंत्री और राऊ विधानसभा सीट से कांग्रेस विधायक जीतू पटवारी पर स्वास्थ अधिकारी उत्तम यादव के साथ अभद्रता करने का आरोप लगा था. पूरा मामला राऊ विधानसभा के दुर्गा नगर का था, जहां स्वास्थ अधिकारी डेंगू से बचाने के लिए दवा का छिड़काव करने के लिए गए थे. इसी कार्यक्रम में राऊ विधायक जीतू पटवारी को भी शामिल होना था. 

बताया जा रहा है कि पहले राउंड में दवा का छिड़काव किया जा चुका था, दूसरे राउंड में दवा खत्म हो गई तभी वहां राऊ विधायक पहुंचे और निगम अधिकारी के साथ अभद्रता करने लगे. जिसका एक वीडियो भी भी बना था. लेकिन पूर्व मंत्री ने विडियो डिलीट करवा दिया था. इस मामले के बाद नगर निगम के कर्मचारी पूर्व मंत्री और कांग्रेस विधायक के खिलाफ लामबंद हो गए और आज सुबह राजेंद्र नगर थाने पहुंचकर पूर्व मंत्री के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई. 

दरअसल, मामला सामने आने के बाद नगर निगम के स्वास्थ्य अधिकारी ने एक लिखित आवेदन दिया था. जिसमें उन्होंने लिखा कि वह मामले में किसी प्रकार की कार्रवाई नहीं चाहते हैं. निगम अधिकारी के आवेदन के बाद सियासत शुरू हो गई भाजपा प्रदेश प्रवक्ता ने ट्वीट किया जिसमें लिखा की ऐसे अधिकारी को हटा देना चाहिए उत्तम यादव अरुण यादव के दवाब में कार्रवाई नहीं करवा रहे हैं. 

लेकिन अब निगम कर्मचारी संगठन के साथ सुबह 8 बजे राजेंद्र नगर थाने पहुंचे और जीतू पटवारी के खिलाफ शिकायती आवेदन दिया, वहीं निगमायुक्त ने भी इस मामले पर कहा है कि दोनों पक्षों के आपस में बात हो चुकी है. इसलिए किसी प्रकार की कार्रवाई इस मामले पर नहीं की गयी, हालांकि जिस अधिकारी के द्वारा थाने में यह आवेदन लिखित में दिया गया था वह कुछ भी कार्रवाई नहीं चाहते हैं. वही निगम कर्मचारियों के साथ ज्ञापन देने के लिए वापस से थाने पहुंचे अब कर्मचारियों ने मांग की है कि जीतू पटवारी सार्वजनिक रूप से माफी मांगे. 

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