शादियों में बचे खाने को गरीबों के पेट तक पहुंचाती है उज्जैन की ये 'रॉबिनहुड आर्मी'

उज्जैन में शादियों के सीजन में रोजाना शादी पांडाल, सामाजिक कार्यक्रम और छोटे मांगलिक कार्यों में खाना भोजन वेस्ट जाता है.

शादियों में बचे खाने को गरीबों के पेट तक पहुंचाती है उज्जैन की ये 'रॉबिनहुड आर्मी'
एक साल पहले इस आर्मी में सिर्फ 5 लोग थे. आज करीब 50 से अधिक कार्यकर्ता हैं.

उज्जैन: उज्जैन के युवाओं ने मिलकर एक ऐसी आर्मी तैयार की है, जो रोजाना भूखे पेट सोने वालों के लिए भगवान बन कर सामने आई है. दरअसल, उज्जैन की रॉबिनहुड आर्मी शहर के किसी भी सामाजिक मांगलिक कार्यक्रम में बचे हुए भोजन को कार्यक्रम स्थल से ले जाकर गरीबों में बांट देती है. यह काम सिर्फ एक फोन कॉल पर होता है और रॉबिनहुड आर्मी के कार्यकर्ता भोजन कलेक्ट करने के लिए निकल पड़ते हैं.

उज्जैन में शादियों के सीजन में रोजाना शादी पांडाल, सामाजिक कार्यक्रम और छोटे मांगलिक कार्यों में खाना भोजन वेस्ट जाता है. इसे अमूमन अगले दिन फेंक दिया जाता हैं. इसी को लेकर उज्जैन के युवाओं ने एक ऐसी आर्मी तैयार की है, जो पिछले एक साल से भूखे पेट सोने वाले गरीब लोगों के लिए भगवान बन कर आई है. दरअसल, रोजाना मांगलिक कार्यों में बचा हुआ भोजन आमतौर पर फेंक दिया जाता था. वहीं, शहर में सैकड़ों लोग ऐसे हैं जो शाम को खाना खाए बगैर ही सो जाते थे. इसको लेकर उज्जैन के युवक-युवतियों ने रॉबिनहुड नामक एक आर्मी बनाई. 

इन्होंने एक फोन नंबर पूरे शहर में बांट दिया गया. अब जहां पर भी मांगलिक कार्यों में खाना बच जाता है, वहां पर एक फोन कॉल पर रॉबिनहुड आर्मी के युवक-युवतियां तुरंत पहुंचते हैं. खाना कलेक्ट कर गरीब बस्तियों तक पहुंचा देते हैं. इस आर्मी में करीब 50 से अधिक युवक और युवतियां हैं. रॉबिनहुड आर्मी के सदस्य बताते हैं कि यह कार्य सिर्फ उन गरीब लोगों के लिए है, जो भूखे पेट सोते हैं. एक साल पहले इस आर्मी में सिर्फ 5 लोग थे. आज करीब 50 से अधिक कार्यकर्ता हैं. वहीं, लोग इस रॉबिनहुड आर्मी की तारीफ करते नहीं थक रहे हैं.