शतरंज में चमका MP का आयुषः 1 मिनट 55 सेकंड में भारत के 67वें ग्रैंडमास्टर को दी मात

भारत के 67वें ग्रैंडमास्टर ने वेबसाइट के माध्यम से खिलाड़ियों को ऑनलाइन चैस चैलेंज दिया था. जिसे 6 खिलाड़ियो ने एक्सेप्ट किया था. उन्हीं में से खंडवा का आयुष शर्मा भी एक था.

शतरंज में चमका MP का आयुषः 1 मिनट 55 सेकंड में भारत के 67वें ग्रैंडमास्टर को दी मात
आयुष शर्मा

खंडवाः खंडवा के आयुष शर्मा ने शतरंज की दुनिया में इतिहास रच दिया है. उन्होंने भारत के 67 वें ग्रैंड मास्टर को हराकर यह कारनामा हासिल किया. गोआ के लियोन मिन्डोन्सा ने 6 जनवरी को वेबसाइट पर खिलाड़ियों को ऑनलाइन चैलेंज दिया था, जिसे आयुष ने स्वीकार किया और 1 मिनिट 55 सेकंड में हरा भी दिया. लियोन के चैलेंज को 6 लोगों ने स्वीकार किया था जिसमें से 5 को तो वह हरा चुके थे, लेकिन आयुष ने उन्हें हरा दिया. इसके लिए लियोन ने आयुष को बधाई भी दी. 

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दो मिनट में ही हरा दिया
14 वर्ष की उम्र में शतरंज के 67वें ग्रैंडमास्टर बने गोवा के लियोन मेंडोंसा को खंडवा के आयुष शर्मा ने दो मिनट में हराकर खेल खत्म कर दिया. दरअसल, कोरोना काल के चलते मेंडोंसा ने चेसबेस डॉट इन वेबसाइट पर खुला चैलेंज दिया था. जिसमें उन्होंने चैलेज देते हुए कहा कि कौन उन्हें शतरंज में हराकर दिखाएगा. इस चैलेंज को खंडवा के सौमित्र नगर निवासी 15 वर्षीय आयुष पिता नरेंद्र शर्मा ने स्वीकारा. प्लेचेस वेबसाइट पर ऑनलाइन गेम हुआ और आयुष ने एक मिनट 55 सेकंड में ही मेंडोंका को हरा दिया.

ग्रैंडमास्टर ने खेल को सराहा
आयुष ने बताया, "मेंडोंसा के इस चैलेंज को मुझे मिलाकर सिर्फ छह लोगों ने स्वीकार किया था. मेंडोंसा पांच लोगों को ऑनलाइन गेम में हरा चुके थे, छठवां मैच मैंने जीता." शतरंज का यह खेल सिर्फ तीन मिनट का था. प्रत्येक चाल पर दो सेकंड का इंक्रीमेंट मिलता था. आयुष ने बताया कि जैसे ही उन्होंने मेंडोंसा को हराया, उन्होंने उसे वेलडन कहा. आपको बता दें कि आयुष 7 साल से चैस खेल रहे हैं और अभी तक कईं राष्ट्रीय, अंतरराष्ट्रीय और  प्रादेशिक चैंपियनशिप जीत चुके हैं.

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रूस के चैम्पियन से ली प्रेरणा
आयुष ने बताया कि 1963 में शतरंज के 9वें विश्व विजेता बने रूस के तिगरान पेट्रोसिअन से प्रेरित होकर 2013 में उन्होंने शतरंज खेलना शुरू किया. वह इसके लिए सुबह पांच बजे उठते हैं और दस घंटे तक शतरंज की पुस्तकें पढ़ते हैं. आयुष ने बताया कि वह शतरंज का बड़ा खिलाड़ी बनना चाहता हैं. उनके पिता नरेंद्र शर्मा का कहना है कि खेल में ऊंचा मुकाम हासिल करने के लिए वह नागपुर के एक विशेषज्ञ से कोचिंग भी ले रहा है.

2019 में किया था भारत का प्रधिनित्व
आयुष ने अब तक 16 नेशनल व एक एशियन तथा अनेक इंटरनेशनल रेटिंग टूर्नामेंट में भाग लेकर पुरस्कार प्राप्त किया है. 2019 में आयुष ने भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए विश्व शतरंज चैंपियनशिप अंडर-14 वर्ग में भाग लिया था. वह देश की प्रतिष्ठित चैंपियनशिप में भी अच्छी रैंक प्राप्त कर चुके हैं. उनकी मां हमेशा उनके साथ रहती है. उनका कहना है कि जब दूसरे प्रतियोगी उनके बेटे का खेल देखकर तारीफ करते हैं तो उन्हें गर्व महसूस होता है.

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