कोरोना की रोकथाम के लिए शिवराज सरकार ने बनाया ये प्लान, अधिकारियों को दिए ये निर्देश

मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना की समीक्षा बैठक के दौरान कहा कि प्रदेश में फिर से काढ़ा बांटा जाएगा.   

कोरोना की रोकथाम के लिए शिवराज सरकार ने बनाया ये प्लान, अधिकारियों को दिए ये निर्देश
शिवराज सिंह चौहान, मुख्यमंत्री, मध्य प्रदेश (फाइल फोटो)

भोपालः मध्य प्रदेश में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं. आज फिर प्रदेश में कोविड के 12897 नए मरीज मिले हैं. जिससे प्रदेश में एक्टिव मरीजों का आंकड़ा 74558 पर पहुंच गया है. ऐसे में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कोरोना की समीक्षा बैठक करते हुए कहा कि अब सभी को कोविड से लड़ने के लिए आगे आना होगा. 

कोरोना के विरूद्ध है युद्ध 
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि प्रदेश में बढ़ रहे कोरोना के विरूद्ध हमें यह युद्ध लड़ना है. यह युद्ध लड़ने के लिए मैदान में उतरने के अलावा हमारे सामने कोई और रास्ता नहीं बचा है. हम सब मिलकर इस चुनौती का सामना करें. स्वयं पर संयम और सकारात्मक रहते हुए लगातार अपने प्रयासों में जुटे रहें. हमारी विजय निश्चित है. इस दौरान मुख्यमंत्री ने सभी अधिकारियों के साथ-साथ सभी मंत्रियों से भी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए चर्चा की. 

प्रदेश में फिर से बांटा जाएगा काढ़ा 
इसके अलावा भोपाल, इंदौर, जबलपुर जैसे शहरों में दो-दो हजार बिस्तरों और बाकी बड़े शहरों में एक-एक हजार बिस्तरों की व्यवस्था की जा रही है. प्रभारी मंत्री, कोरोना वॉलेंटियर्स और स्वयंसेवी संस्थाओं के सहयोग से आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित करें. वहीं रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ाने के लिए काढ़ा वितरण का कार्य फिर से शुरू किया जाएगा. इसके साथ ही जन-जन को प्राणायाम और योग के लिए प्रेरित किया जाए। इसमें नवीनतम तकनीक का सहयोग भी लेना होगा. 

30 अप्रैल तक सख्ती से हो कोरोना कर्फ्यू का पालन
मुख्यमंत्री ने सभी मंत्रियों से चर्चा के दौरान कहा कि प्रदेश में सख्ती कोरोना कर्फ्यू का पालन करवाया जाए. सीएम ने कहा कि 30 अप्रैल तक एक लाख लोगों में संक्रमण फैलने का अनुमान था, पर एक लाख की संख्या प्रदेश में अभी होने लगी है. इसलिए स्वास्थ्य विभाग  पुलिस प्रशासन के लोग, अन्य फ्रंटलाइन वर्कर संक्रमित हो रहे हैं. इसलिए  प्रदेश को बचाने के लिए कोरोना संक्रमण की चेन को तोड़ना आवश्यक है. इसके लिए प्रदेश की जनता को यह फैसला लेना होगा कि 30 अप्रैल तक हम अपने घर, गांव, मोहल्ले, कॉलोनी से बाहर नहीं निकलेंगे. क्योंकि खुद पर नियंत्रण लगाकर और प्रण करके हम कोरोना के खिलाफ जंग जीती जा सकती है. सीएम ने सभी मंत्रियों से कहा कि  वे अपने-अपने जिलों में जन-सामान्य को इस संबंध में जागरूक और प्रेरित करें. 

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अरविंद भदौरिया को सौंपा गया ऑक्सीजन का दायित्व 
सीएम ने कहा कि ऑक्सीजन की उपलब्धता सबसे बड़ी चुनौती है. भारत सरकार के सहयोग से राज्य को पर्याप्त ऑक्सीजन आवंटित हुई है. विभिन्न राज्यों से समन्वय और विशेष व्यवस्था कर ऑक्सीजन के टैंकर लाए जा रहे हैं. टैंकरों के आवागमन में विभिन्न राज्यों से आवश्यक समन्वय के लिए सहकारिता मंत्री अरविंद सिंह भदौरिया को दायित्व सौंपा गया है. आगामी 30 अप्रैल तक 700 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति के लिए 105 टैंकरों की आवश्यकता होगी, जिनमें से 53 टैंकरों की व्यवस्था हो गई है. शेष के लिए प्रयास जारी हैं. प्रदेश में अगले तीन सप्ताह से तीन महीने में ऑक्सीजन के 37 प्लांट स्थापित कर दिए जाएंगे. सारणी और खण्डवा के ताप विद्युत गृहों से 200 सिलेंडर प्रतिमाह ऑक्सीजन उपलब्ध कराने की व्यवस्था भी की जा रही है. ऑक्सीजन के लिए जिला स्तर पर कंसंट्रेटर की व्यवस्था भी की जा रही है. इंजेक्शन की कालाबाजारी करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा. उनके विरूद्ध रासुका के अंतर्गत कार्यवाई की जाएगी. 

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