प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राजस्थान और छत्तीसगढ़ के पार्टी कार्यकर्ताओं को नसीहत देते हुए कहा कि सिर्फ ये सोचकर चुनाव में न जाएं कि मोदी आएंगे तो जीत जाएंगे, इससे काम नहीं होगा. पीएम मोदी ने कहा कि मध्य प्रदेश में दिग्विजय सिंह की सरकार दूसरी बार चुनाव के मैदान में जा रही थी. आम लोगों में सरकार के खिलाफ नाराजगी थी. हमें लगा कि आसानी से बीजेपी चुनाव जीत जाएगी लेकिन हम हार गए. ये ओवर कॉन्फिडेंस था, जिसकी वजह से हम हारे. आने वाले समय में छत्तीसगढ़ और राजस्थान के कार्यकर्ताओं को इसका ध्यान रखना चाहिए. सभी को मेहनत करने की जरूरत है. सिर्फ ये सोच कर कि चुनाव प्रचार में मोदी आएंगे तो हम जीत जाएंगे, इससे काम नहीं होगा.


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पीएम मोदी दिल्ली में हुई भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की दो दिवसीय बैठक के समापन सत्र को संबोधित कर रहे थे. इस दौरान उन्होंने अपने पार्टी के कार्यकर्ताओं को बोहरा, पसमांदा और सिखों जैसे अल्पसंख्यकों सहित समाज के हर वर्ग तक पहुंचने की सलाह दी. साथ ही कहा कि इन समुदाय के लोगों के लिए बगैर किसी चुनावी लाभ की लालसा के काम करना होगा.


‘अमृत काल’ को ‘कर्तव्य काल’ में बदलें


पीएम मोदी ने कहा कि 2024 के लोकसभा चुनाव में करीब 400 दिन बचे हैं और इसलिए पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को पूरे समर्पण के साथ समाज के हर वर्ग की सेवा करने में जुट जाना है. उन्होंने कहा कि भारत के जीवन का ‘सर्वोत्तम समय’ आने वाला है, इसलिए ऐसे समय में देश के विकास में योगदान देने के लिए सभी को खूब मेहनत करनी चाहिए. 


उन्होंने बीजेपी के कार्यकर्ताओं को नसीहत दी कि देश को तेजी से आगे ले जाने के लिए और ‘अमृत काल’ को ‘कर्तव्य काल’ में बदलने के लिए पूरी ताकत झोंक दें. पीएम मोदी भारत की आजादी के 75 वर्ष से 100 वर्षों तक के सफर को ‘अमृत काल’ कहते हैं.


ओवर कॉन्फिडेंस को लेकर भी किया सचेत


इस दौरान पीएम मोदी ने पार्टी कार्यकर्ताओं को ओवर कॉन्फिडेंस को लेकर भी सचेत किया. पीएम मोदी ने संबोधन के दौरान कहा कि वर्ष 1998 में कैसे दिग्विजय सिंह के नेतृत्व वाली तत्कालीन कांग्रेस सरकार ने भाजपा मात दी थी. प्रधानमंत्री उन दिनों में मध्य प्रदेश में पार्टी के संगठन से जुड़े काम किया करते थे.


पीएम मोदी ने कार्यकर्ताओं को फिल्मों जैसे अप्रासंगिक मुद्दों पर बयान देने से बचने के लिए कहा. प्रधानमंत्री ने कहा कि ऐसे गैर जरूरी मुद्दों की वजह से पार्टी का विकास का एजेंडा पीछे हो जाता है. हाल ही में बीजेपी के कुछ नेताओं ने फिल्म पठान को लेकर बवाल किया था.


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