राजस्थान पुलिस के इस 'नटवरलाल' के खिलाफ दर्ज हैं 37 केस, आज भी पकड़ से बाहर

अब 34 साल पुराने इस मामले को निस्तारित करने की तैयारी की जा रही है. 

राजस्थान पुलिस के इस 'नटवरलाल' के खिलाफ दर्ज हैं 37 केस, आज भी पकड़ से बाहर
अब 34 साल पुराने इस मामले को निस्तारित करने की तैयारी की जा रही है.

विष्णु शर्मा, जयपुर: राजस्थान पुलिस में एक था नटवरलाल. जीआरपी पुलिस अधीक्षक कार्यालय में तैनात एक बाबू ने घोटाला कर गबन किया. दो साल में ही बाबू के खिलाफ 37 मामले दर्ज कराए गए, लेकिन बाबू से वसूली तो दूर उसके पकड़ तक नहीं पाए. 

कोर्ट ने भी 22 मामलों में आरोपी को भगौड़ा घोषित कर रखा है. पुलिस सब तरफ से थक हार चुकी तो अब 34 साल पुराने इस मामले को निस्तारित करने की तैयारी की जा रही है. 

- जीआरपी एसपी अजमेर कार्यालय की अकाउंट शाखा में कार्यरत था पुलिस का 'नटवर लाल' प्रकाश चंद सेठी.
- प्रकाश चंद सेठी के खिलाफ 26 फरवरी 1986 को पहला मुकदमा दर्ज कराया गया.
- इसके बाद 6 नवम्बर 1987 तक सेठी के खिलाफ 37 मुकदमे दर्ज कराए गए.
- मुकदमे दर्ज होते ही प्रकाश चंद सेठी पुलिस की आंखों में धूल झोंककर फरार हो गया.
- 37 में से 26 मामलों में जांच के बाद 299 सीआरपीसी के तहत कोर्ट में चालान पेश किए गए.
- इधर कोर्ट ने समय से गिरफ्तारी नहीं होने पर सेठी को मफरूर घोषित कर दिया. 
- इन मामलों में स्थायी वारंट जारी कर कार्रवाई स्थगित रखी गई है.
- वहीं 11 मामलों में सबूत नहीं मिलने पर एफआर दी जा चुकी है. 
- पुलिस ने आरोपी प्रकाश चंद सेठी को इनामी मफरूर घोषित कर दिया, सेठी आज तक मफरूर है
- पुलिस ने सेठी पर 25 हजार का ईनाम घोषित कर रखा है.
- इन सभी 37 प्रकरणों में 5 लाख 92 हजार 319 का ही गबन है.
-  37 में से चार मामले सिविल लाइंस अजमेर में दर्ज है.
- 33 मुकदमे अलवर गेट में दर्ज किए गए थे. 
- सेठी की चल-अचल सम्पति नहीं होने के कारण एवं किसी प्रकार से वसूली नहीं हो पा रही.