close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

राजस्थान: आईबी की रिपोर्ट में खुलासा, सुरक्षित नहीं है सचिवालय समेत कई भवन

पिछले दिनों केंद्रीय गृहमंत्रालय ने सभी राज्यों में विधानसभा, सचिवालय, हाईकोर्ट सहित अन्य महत्वपूर्ण भवनों में सुरक्षा व्यवस्था जांचने के निर्देश दिए थे. 

राजस्थान: आईबी की रिपोर्ट में खुलासा, सुरक्षित नहीं है सचिवालय समेत कई भवन
केंद्रीय आसूचना ब्यूरो ने एक्सेस कंट्रोल संबंधी सुझाव दिए गए हैं

भरत राज/जयपुर: प्रदेश की टॉप मोस्ट बिल्डिंग जहां ब्यूराक्रेसी के मुखिया से लेकर मंत्री, सीएम बैठते हैं, सुरक्षा के लिहाज से कतई सुरक्षित नहीं है. ये खुलासा किया है केंद्रीय आईबी ने आईबी की रिपोर्ट में सचिवालय भवन के अनफिट होने के बाद सचिवालय प्रशासनिक अमला इसकी मजबूती के लिए ठोस कदम उठाएगा.

पिछले दिनों केंद्रीय गृहमंत्रालय ने सभी राज्यों में विधानसभा, सचिवालय, हाईकोर्ट सहित अन्य महत्वपूर्ण भवनों में सुरक्षा व्यवस्था जांचने के निर्देश दिए थे. जिसके बाद सेंट्रल आईबी ने 27 मार्च को सर्वे किया और अपनी रिपोर्ट सरकार को सौंपी. जिसमें कई कमियां सामने आई है. 

जिसके बाद, केंद्रीय आसूचना ब्यूरो ने एक्सेस कंट्रोल संबंधी सुझाव दिए गए हैं जिसमें यह कहा गया है कि आमजन के प्रवेश पास के लिए आईडी और फोटो ली जाए, अलग-अलग व्यक्तियों के लिए अलग-अलग रंग के पास निश्चित समयावधि के लिए बनाए जाए,सचिवालय गेट नम्बर 1 पर कार पार्किंग से पहले वाहनों की चैकिंग व फ्रिस्किंग की व्यवस्था कराई जाए. 

साथ ही यह भी सुझाव दिए गए हैं कि बाइक की डिक्की में विस्फोटक सामग्री ले जाई जा सकती है, इसलिए सहदेव मार्ग पर चैकिंग की व्यवस्था हो. पार्किंग व्यवस्था हेतु ठेकेदार के पास चैकिंग के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराए जाए इसके साथ ही ठेकेदार के कार्मिकों का पुलिस सत्यापन होना चाहिए. 

साथ ही ब्यूरो ने कहा है कि सचिवालय के पश्चिम द्वार पर वीआईपी लोगों का ही आवागमन रहता है, इस गेट से कुछ विधायक अपने वाहनों में कुछ लोगों को बिठाकर अंदर प्रवेश कर जाते हैं, इनकी सुरक्षा जांच नहीं होती, ना ही इनके पास बनते हैं. सुरक्षा की दृष्टि से केवल पास वाले वाहनों को ही सुरक्षा जांच के बाद प्रवेश दिया जाए. सचिवालय परिसर के बाहर केंटिन की जाली में व्यू कटर लगाया जाना चाहिए. 

वहीं निगरानी व्यवस्था संबंधी सुझाव में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे के चेतावनी बोर्ड लगवाने के सुझाव दिए गए है. सीसीटीवी कैमरे रिकॉर्डिंग की नियमित मॉनिटरिंग करें सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग अवधि एक की जगह तीन महीने की जाए और सुरक्षा की दृष्टि से सीसीटीवी रिकॉर्डिंग कक्ष को पार्किंग से अंदर शिफ्ट किये जाने के सुझाव भी दिए गए हैं.

यहां तक कि सुरक्षा व्यवस्था में लगे स्टाफ के लिए सुझाव मे कहा गया है कि मुख्य द्वार पर लगे सुरक्षा प्रहरियों को आपात स्थिति से निपटने के लिए समुचित हथियार उपलब्ध कराया जाना चाहिए. प्रवेश द्वार पर एके-47 के साथ प्रशिक्षित सुरक्षा प्रहरी बंकर में तैनात किया जाए, 6 डीएफएमडी और 1 एक्सरे मशीन उपलब्ध कराई जाए और साथ ही सचिवालय में लगे पुलिसकर्मियों की छुट्टियों की तत्काल व्यवस्था हो

बता दें कि सचिवालय सुरक्षा व्यस्था को मजबूत बनाने के लिए 18 जून को सचिवालय में बैठक होगी. जिसमें सहायक सचिव सुरक्षा, रजिस्ट्रार, मुख्य कार्यकारी अधिकारी नगर निगम, एडि एसपी सीआईडी विशेष शाखा, अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त, पीडब्ल्यूडी के अधिकारी बैठक में मौजूद रहेंगे.