कांग्रेस की सरकार बनने के बाद अब अजमेर लोकसभा सीट पर BJP को मिल सकती है कड़ी चुनौती

राजस्थान की लोकसभा सीट अजमेर की बात करें तो इस सीट पर 2014 में हुए आम चुनाव में बीजेपी के सांवरलाल जाट ने जीत हासिल की थी. 

कांग्रेस की सरकार बनने के बाद अब अजमेर लोकसभा सीट पर BJP को मिल सकती है कड़ी चुनौती
अजमेर लोकसभा सीट पर 29 जनवरी को होगा उपचुनाव.

अजमेर: देश में होने वाले लोकसभा चुनाव (Lok Sabha Election 2019) को लेकर केंद्र और विपक्ष दोनों द्वारा ही तैयारियां शुरू कर दी गई हैं. एक ओर जहां केंद्र सरकार एक बार फिर सत्ता में आने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाते हुए किसी तरह की कसर नहीं छोड़ना चाहती है. तो वहीं विपक्ष द्वारा भी एनडीए (National Democratic Alliance) और बीजेपी को केंद्र से हटाने की पूरी कोशिश में है. इसी बीच राजस्थान की बात करें तो यहां लोकसभा की कुल 25 सीटे हैं जिसमें से 2014 में हुए आम चुनाव में राजस्थान की सभी 25 सीटें बीजेपी के खाते में गई थीं.  

वहीं राजस्थान की लोकसभा सीट अजमेर की बात करें तो इस सीट पर 2014 में हुए आम चुनाव में बीजेपी के सांवरलाल जाट ने जीत हासिल की थी. सांवरलाल जाट ने कांग्रेस के वर्तमान डिप्टी सीएम सचिन पायलट को कुल 171983 वोटों से हराया था. वहीं 2009 में हुए लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के सचिन पायलट ने इस सीट से जीत हासिल की थी. 2009 के चुनावों में सचिन पायलट को कुल 405575 वोट मिले थे. वहीं बीजेपी की किरण महेश्वरी केवल 329440 वोट ही प्राप्त कर पाई थीं. 

गौरतलब है कि, अजमेर लोकसभा पर 2014 में जीत हासिल करने वाले केंद्रीय मंत्री सांवरलाल जाट की मौत के बाद 29 जनवरी 2019 को एक बार फिर उपचुनाव आयोजित किया गया है. जिसमें बीजेपी द्वारा सांवरलाल जाट के बेटे रामस्वरूप लांबा पर दांव लगाया गया है. वहीं कांग्रेस ने इस सीट से रघु शर्मा को उप चुनाव में उतारा है. 

आपको बता दें, प्रदेश में 2018 के अंत में हुए विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को मिली बढ़त के बाद अब कांग्रेस लोकसभा में भी राज्य को जीत दिलाने के लिए हर तरह की तैयारी में लगी हुई है. वहीं बीजेपी भी विधानसभा चुनावों में जनता से मिली निराशा के बाद अब लोकसभा में पूरी ताकत झोंकने की तैयारी कर रही है. जिसके बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि उपचुनाव का क्या नतीजा होता है और उसके बाद 2019 आम चुनाव में दोनों पार्टियों द्वारा किस पर दांव लगाया जाता है.