जयपुर में फिर गरजे अशोक गहलोत, कहा- 'राजस्थान में नहीं लागू होगी NRC-CAA'

नागरिकता संशोधन बिल औऱ एनआरसी को लेकर जयपुर की सड़कों पर भारी हुजूम उमड़ पड़ा. शांति मार्च से पहले मोती डूंगरी मुसाफिरखाने में एक सभा हुई बाद में सभी अल्बर्ट हॉल पहुंचकर मार्च में शामिल हो गए.

जयपुर में फिर गरजे अशोक गहलोत, कहा- 'राजस्थान में नहीं लागू होगी NRC-CAA'
पैदल मार्च के दौरान सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए.

जयपुर: CAA और NRC के विरोध में  जयपुर में सर्वदलीय और सर्वसमाज का शांति मार्च निकला. शांति मार्च अल्बर्ट हॉल से गांधी सर्किल तक निकाला गया. जिसमें सीएम अशोक गहलोत भी शामिल हुए. मार्च में डॉक्टर्स, एडवोकेट्स, साहित्यकार, शिक्षक, कलाकार, छात्र, युवा, एक्टिविस्ट्स, NGO,कर्मचारी संघ, व्यापार मंडल और प्रोफेशनल्स शामिल हुए. सभी लोग हाथों में तिरंगा लिए हुए चल रहे थे. आखिर में गांधी सर्किल पर सभा हुई जिसमें मंच से सरकार ने साफ किया कि ये दोनों राजस्थान लागू नहीं होंगे.

नागरिकता संशोधन बिल और एनआरसी को लेकर जयपुर की सड़कों पर भारी हुजूम उमड़ पड़ा. शांति मार्च से पहले मोती डूंगरी मुसाफिरखाने में एक सभा हुई बाद में सभी अल्बर्ट हॉल पहुंचकर मार्च में शामिल हो गए. मार्च कड़ी सुरक्षा के बीच अल्बर्ट हॉल से शुरु होते गांधी सर्किल तक पहुंचा. 

इस दौरान तमाम लोग देशभक्ति के तराने गाते हुए तिरंगे लहरा रहे थे. बाद में, गांधी सर्किल पर एक सभा हुई जिसें सीएम अशोक गहलोत सहित अन्य दलों के नेताओं ने संबोधित किया. गहलोत ने एक बार फिर दोहराया कि इन्हें राजस्थान में लागू नहीं करेंगे इसलिए घबराने की जरुरत नहीं है.

पैदल मार्च के दौरान सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए. करीब आठ हजार पुलिसकर्मी तैनात किए गए. इंटरनेट,सिटी बस,ऑटो और शराब ठेके बंद कर दिए गए. ड्रोन कैमरों के जरिए चप्पे-चप्पे पर नजर रखी गई. मार्च में तमाम मंत्री, विधायक, कांग्रेस नेता शामिल हुए. इसके अलावा सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी भी शामिल हुए. शरदयादव, जयंत चौधरी और सचिन पायलट ने भी सभा को संबोधित किया.

मौन जुलूस के बाद गांधी सर्किल पर संविधान बचाओ सभा का आयोजन हुआ. सभा को मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, डिप्टी सीएम सचिन पायलट, शरद यादव, कामरेड बलवान पूनिया, राष्ट्रीय लोक दल जयंत चौधरी, सीपीआई, सीपीएम, आम आदमी पार्टी के नेताओं के अलावा सिविल सोसाइटी की अरुणा रॉय और कविता श्रीवास्तव ने भी संबोधित किया.

कार्यक्रम के जरिए जहां समान विचारधारा के दलों ने सिविल सोसाइटी के साथ मिलकर अपनी ताकत दिखाई, वहीं देश में सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वाली ताकतों का पुरजोर विरोध भी किया गया, कार्यक्रम में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने साफ शब्दों में कह दिया कि राजस्थान में एनआरसी और सीएए को लागू नहीं होने दिया जाएगा.