राजस्थान: लापरवाही के चलते लटके हैं बैंकों के हथियार लाइसेंस, गृह मंत्रालय ने जारी किए आदेश

गृह मंत्रालय ने 8 दिसंबर 1987 को आदेश जारी कर बैंक, औद्योगिक संस्था, संपत्ति और सुरक्षा में लगी फर्मों के लिए फायर आर्म्स की सीमा में छूट दी थी. 

राजस्थान: लापरवाही के चलते लटके हैं बैंकों के हथियार लाइसेंस, गृह मंत्रालय ने जारी किए आदेश
प्रतीकात्मक तस्वीर.

जयपुर: प्रदेश में बैंकों की सुरक्षा में काम आ रहे हथियारों के लाइसेंस सरकारी दफ्तरों में अटके हुए हैं. राज्य स्तरीय सुरक्षा समिति में मामला उठा तो सरकार ने इसे गंभीरता से लिया. इसके बाद गृह विभाग ने सर्कुलर जारी कर बैंकों के अटके सभी हथियार लाइसेंसों का निपटारा 15 दिन में करने के निर्देश दिए.

बैंकों की सुरक्षा में तैनात गार्डों और अधिकारियों को बैंक की तरफ से हथियार दिए जाते हैं. बैंकों को एक लाइसेंस पर करीब दस हथियार रखने की छूट दी गई है लेकिन लाइसेंस रिन्यूअल करने और नए हथियार लाइसेंस जारी करने वाले अधिकारियों को इसकी जानकारी नहीं है. 

इधर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आयुध कानून में संशोधन कर तीन की बजाय हथियार रखने की शक्ति दो कर दी. ऐसे में कलेक्ट्रेट और पुलिस कमिश्नरेट में अधिकारियों ने बैंकों के लाइसेंस अटका दिए. इधर 18 दिसंबर 2019 को रिज़र्व बैंक जयपुर में आयोजित राज्य स्तरीय सुरक्षा समिति की बैठक में बैंकों की ओर से यह मामला उठाया गया.

गृह मंत्रालय ने जारी कर रखे हैं आदेश
दरअसल गृह मंत्रालय ने 8 दिसंबर 1987 को आदेश जारी कर बैंक, औद्योगिक संस्था, संपत्ति और सुरक्षा में लगी फर्मों के लिए फायर आर्म्स की सीमा में छूट दी थी. इसकी हथियार लाइसेंस की डिलिंग में लगे सहायकों को जानकारी नहीं है, ऐसे में उन्होंने बैंकों के हथियार लाइसेंस अटका दिए. 

मामला एसीएस गृह के ध्यान में आया तो सर्कुलर जारी किया गया. सर्कुलर के साथ गृह मंत्रालय के आदेश की कॉपी भेजकर लंबित हथियार लाइसेंस का निस्तारण करने के निर्देश दिए हैं. 15 दिन में बैंकों के हथियार लाइसेंस का निस्तारण नहीं करने वाले कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई के भी निर्देश दिए हैं.