Churu: जिले की सरदारशहर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई को अंजाम देते हुए, लूट की प्लानिंग बनाते 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है. पुलिस ने आरोपियों से 1 कार व कई अवैध हथियार बरामद किए है. थानाधिकारी सतपाल विश्नोई और कॉन्स्टेबल नंदलाल डूडी की सतर्कता से शहर में बड़ी लूट की वारदात होने से बच गयी. गिरफ्तार आरोपी पहले भी महाराष्ट्र व भीलवाड़ा में 2 हत्या कर चुके हैं. एसपी दिगंत आनंद ने प्रेस वार्ता कर दी पूरे मामले की जानकारी देते हुए बताया कि सरदारशहर थानाधिकारी सतपाल विश्नोई की टीम ने एक बार फिर शहर में होने वाली बड़ी लूट की वारदात को टालकर यह साबित कर दिया है कि अपराधी अगर डाल-डाल है तो पुलिस भी पात-पात पर है. महाराष्ट्र के धुले और राजस्थान के भीलवाड़ा में हत्या की वारदात कर चुके अपराधी सरदारशहर में किसी बड़ी लूट की वारदात को अंजाम देने की फिराक थे.


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पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शहर के नंदी गौशाला के पास से 4 बदमाशों को गिरफ्तार कर उनके पास से एक स्विफ्ट कार और कई अवैध हथियार बरामद किए हैं. सरदारशहर पुलिस थाने के आसूचना अधिकारी नंदलाल डूडी को मुखबीर के जरिए सूचना मिली कि सूरज विहार कॉलोनी, नन्दी गौशाला के पास एक स्विफ्ट कार खड़ी है, जिसमें 4-5 व्यक्ति बैठे हैं और किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने का प्लान बना रहें हैं. सूचना मिलते ही तुरंत थानाधिकारी सतपाल विश्नोई पुलिस जाब्ते के साथ नंदी गौशाला के पास पहुंचे तो 150 फिट दूर एक सफेद कार खड़ी दिखाई दी. पुलिस को देखकर कार में सवार लोग रिद्धि सिद्धि कॉलोनी की ओर कार सहित भागने लगे, थाना अधिकारी सतपाल विश्नोई ने पुलिस जाब्ते के साथ गाड़ी का पीछा कर गाड़ी को चारों ओर से घेर लिया. गाड़ी में 4 लोग सवार थे जो पुलिस को देखकर पूरी तरह से घबरा गए. चारों को उनकी पहचान के बारे में पूछा गया तो किसी ने कोई जवाब नहीं दिया, जिस पर पुलिस को उनके अपराधी होने पर विश्वास हो गया. पुलिस ने तसल्ली पूर्वक उनको नाम पते पूछे तो पहले व्यक्ति ने अपना नाम पंजाब के अमृतसर निवासी जगतार सिंह पुत्र जागीर सिंह मजबी सिख, दूसरे ने अपना नाम झुंझुनू जिले के बिसाऊ थाना क्षेत्र के गागियासर निवासी ओमप्रकाश पुत्र महावीर प्रसाद मेघवाल, तीसरे ने अपना नाम उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर निवासी आशीष यादव पुत्र ओम प्रकाश यादव और चौथे ने अपना नाम उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर निवासी सूर्य प्रकाश पुत्र जयप्रकाश पांडे बताया. पुलिस ने उनको यहां खड़ा रहने का कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि उन्हें चूरू जिले के जसरासर निवासी फारुख उर्फ मिठिया ने बुलाया है. उन्होंने बताया कि मिठिया ने यहीं रुकने को कहा है और कहा कि अंधेरा होने पर किसी बड़े व्यापारी के साथ लूट की वारदात को अंजाम देंगे. हम सड़क किनारे खड़े रहकर लूट की योजना बना रहें थे और फारुख उर्फ मिठिया का इंतजार कर रहें थे, हम संगठित रहकर चोरी, लूट व डकैती जैसी घटनाओं को अंजाम देते हैं. कोहिनूर नाम से हमारी एक गैंग बना रखी है, हमारी टीम का मुख्य सरगना फारुक उर्फ मिठिया है. उसके बाद उन्होंने पुलिस को उनके पास अवैध पिस्टल व हथियार होना बताया.


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यह हथियार किये बरामद


चूरू पुलिस अधीक्षक दिगंत आनंद ने प्रेस वार्ता कर जानकारी देते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों के पास से दो अवैध देसी पिस्टल, 2 मैगजीन, 5 अवैध जिंदा कारतूस तथा एक लोहे का छुरा व दो बांस के डंडे व ढाई सौ ग्राम लाल मिर्ची का पाउडर और एक रस्सी व एक महाराष्ट्र नंबर की कार को जप्त किया गया है.


आरोपी पहले दे चुके दो हत्या व लूट की वारदात को अंजाम


एसपी ने बताया कि अपराधियों के वारदात करने का तरीका यह है कि यह लोग गैंग बनाकर वारदात करते हैं और जहां वारदात करनी होती है वहां पहले से रेकी करके रखते हैं, इसके बाद हथियारों के बल पर डरा धमका कर बड़ी घटनाएं जैसे हत्या, डकैती, लूट जैसी वारदातों को अंजाम देते हैं और बाद में सभी अलग-अलग रास्तों से फरार हो जाते हैं. चुरु एसपी ने आरोपियों द्वारा की गई वारदातों का खुलासा करते हुए बताया कि 29 अगस्त को महाराष्ट्र के दीपक विष्णु उम्र 42 साल की स्विफ्ट कार को किराए पर लेकर महाराष्ट्र के धुले सिटी से रवाना हुए और रास्ते में एमपी बॉर्डर पर कार चालक दीपक विष्णु की गला घोटकर हत्या कर अमरावती रोड़ पर खड़की नदी के किनारे शव को फेंक दिया और कार व सामान लूटकर सरदारशहर आ गए, जिस पर महाराष्ट्र पुलिस थाने में मामला दर्ज है.


वहीं उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपी आशीष यादव जो जयपुर में मजदूरी का कार्य करता था, उसके साथ भीलवाड़ा निवासी चेतन पुत्र रामलाल खाती की पहचान थी, चेतन अपनी नानी के पास कच्ची बस्ती मेडिकल कॉलेज सांगानेर भीलवाड़ा में रहता था, चेतन द्वारा एक व्हाट्सएप ग्रुप चंद्रशेखर आजाद नाम से बनाया हुआ था, जिसमें आशीष व अन्य कई लोग भी जुड़े हुए थे. चेतन द्वारा ग्रुप में कोई कमेंट लिखे गए थे जिसको लेकर चेतन व आरोपी आशीष के बीच बोलचाल हो गई, इसके बाद चेतन और आरोपी आशीष जयपुर से भीलवाड़ा चले गए और वहां पर दोनों में ग्रुप में हुई बात को लेकर झगड़ा हुआ, आरोपी आशीष यादव ने पीट-पीटकर चेतन की हत्या कर दी, हत्या करने के बाद आरोपी आशीष यादव ने अपने मोबाइल में अपनी और मृतक चेतन की सेल्फी लेकर ग्रुप में भेजा और सूर्यप्रकाश को बताया तथा इसके बाद आरोपी चेतन के घर का दरवाजा बंद कर ओमप्रकाश से संपर्क कर उसके बताए अनुसार फरारी काटने के लिए आरोपी जगतार सिंह के पास मुंबई चला गया. चेतन की लाश चार-पांच दिन तक कमरे में पड़ी रही उसके बाद मृतक के पिता दुवारा 30 सितंबर को भीलवाड़ा के सुभाष नगर पुलिस थाना में मामला दर्ज करवाया गया.


कार्रवाई में इनकी रही भूमिका


मामले का खुलासा करने वाली टीम में थाना अधिकारी सतपाल विश्नोई, एएसआई जय सिंह, कांस्टेबल नंदलाल डूडी, कॉन्स्टेबल सत्यप्रकाश, कांस्टेबल रामचंद्र बुडानिया, धर्मेंद्र कुमार, कॉन्स्टेबल अनिल सैनी, कॉन्स्टेबल विनोद कुमार, कांस्टेबल रामचंद्र सिहाग और साइबर सेल चूरू की भूमिका रही.


Reporter - Gopal Kanwar


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