धौलपुर: 13 साल बाद हत्याकांड मामले में अदालत ने 3 मुल्जिमों को सुनाई यह सजा

एडीजे ने अपने फैसले में 3 को हत्याकांड का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही, 5 हजार का जुर्माना भी दिया है और अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया है.  

धौलपुर: 13 साल बाद हत्याकांड मामले में अदालत ने 3 मुल्जिमों को सुनाई यह सजा
खेतों में आकर मुल्जिमों ने पूरे परिवार को घेर कर फायरिंग की थी.

भानु शर्मा/धौलपुर: राजस्थान के धौलपुर जिले के बाड़ी उप खंड के एडीजे कोर्ट ने जमीन विवाद के एक मामले में फैसला सुनाते हुए तीन मुल्जिमों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही, अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देकर बरी किया है. मामला, बसईडांग थाना क्षेत्र के रजई गांव का है, जो 13 साल पुराना बताया जा रहा है.

जानकारी के अनुसार, खेतों में आकर मुल्जिमों ने पूरे परिवार को घेर कर फायरिंग की थी. इस घटना में परिवार के बुजुर्ग रामजीलाल की मौत हुई थी. एडीजे कोर्ट बाड़ी के अपर लोक अभियोजक मनोज परिहार ने बताया कि, सन 2007 में 3 मार्च को बसईडांग थाना क्षेत्र के रजई गांव निवासी रामजीलाल और उसके पुत्र अपने खेतों पर सरसों काटने गए थे. इस दौरान दीवान के पुत्र रामबाबू,लक्ष्मण, गणेश, विशाल, बनवारी, भूरा, ध्रुव, साहब सिंह और अन्य ने खेतों में छिपकर घात लगाकर उन पर हमला कर दिया और गोलियां बरसाई.

इस घटना में रामजीलाल की गोली लगने से मौत हो गई. वहीं, उनका पुत्र भी घायल हो गया था. घटना को लेकर रामजीलाल के बड़े पुत्र राकेश ने बसईडांग थाने में अपने पिता की हत्या का मामला दर्ज कराया था और नामदर्ज आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी.

यह मामला बाड़ी एडीजे कोर्ट में विचाराधीन था, जिसमें 13 साल बाद सोमवार को कोर्ट ने फैसला सुनाया है. एपीपी परिहार ने बताया कि, एडीजे सुंदरलाल बंशीवाल ने अपने फैसले में 8 आरोपियों में से विशाल, बनवारी और भूरा पुत्र गण दिवान गुर्जर को हत्याकांड का दोषी मानते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है. साथ ही, 5 हजार का जुर्माना भी दिया है और अन्य आरोपियों को संदेह का लाभ देकर बरी कर दिया है.