राजस्थान: अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म, LDC भर्ती परीक्षा को लेकर दस्तावेजों का सत्यापन शुरू

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (Rajasthan Staff Selection Board) की ओर से राजस्थान के इतिहास की सबसे बड़ी भर्ती एलडीसी भर्ती 2018 (LDC Recruitment 2018) सत्यापन के चलते अटकी पड़ी थी. 

राजस्थान: अभ्यर्थियों का इंतजार खत्म, LDC भर्ती परीक्षा को लेकर दस्तावेजों का सत्यापन शुरू
सोमवार से दो शिफ्ट में दस्तावेज सत्यापन का काम शुरू किया गया.

जयपुर: एलडीसी भर्ती परीक्षा (LDC Recruitment Exam) को लेकर आज से दस्तावेज सत्यापन का कार्य शुरू हुआ. राजधानी जयपुर में दो सेंटर्स पर आज यानी की सोमवार से दो शिफ्ट में दस्तावेज सत्यापन का काम शुरू किया गया.

राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड और शिक्षा विभाग की ओर से किए जा रहे दस्तावेज सत्यापन का कार्य 23 दिसंबर से 7 फरवरी तक आयोजित होगा. करीब 13 हजार पदों पर निकाली गई इस भर्ती में बोर्ड की ओर से करीब 18 हजार अभ्यर्थियों को चयन किया गया था. 

राजकीय गुरु नानक संस्थान भवन और राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय आदर्श नगर जयपुर में दो शिफ्ट में हो रहे दस्तावेज सत्यापन में सुबह 10 से 1 बजे तक पहली शिफ्ट और दोपहर 2 बजे से 5 बजे तक दूसरी शिफ्ट में दस्तावेजों का सत्यापन किया जा रहा है. साथ ही प्रत्येक शिफ्ट में 125 चयनित अभ्यर्थियों का दस्तावेज सत्यापन का कार्य बोर्ड की ओर से किया जा रहा है. ऐसे में अगले डेढ़ महीने में प्रतिदिन 500 चयनित अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन का कार्य राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड की ओर से किया जाएगा.

दरअसल, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (Rajasthan Staff Selection Board) की ओर से राजस्थान के इतिहास की सबसे बड़ी भर्ती एलडीसी भर्ती 2018 (LDC Recruitment 2018) सत्यापन के चलते अटकी पड़ी थी. 

परीक्षा के बाद करीब 6 महीने के लंबे इंतजार के बाद 7 मार्च 2019 को प्रथम चरण का परिणाम जारी किया गया, जिसमें 36 हजार अभ्यर्थी पास हुए. परिणाम के 6 महीने बाद 3 से 6 सितंबर 2019 तक टाइपिंग और दक्षता परीक्षा आयोजित हुई, जिसका परिणाम 25 अक्टूबर को जारी किया गया. इसमें 18 हजार अभ्यर्थियों को दस्तावेज सत्यापन के लिए सफल घोषित किया गया थी लेकिन काफी समय बाद इस पर आगे कोई काम नहीं हुआ. टाइपिंग और दक्षता परीक्षा परिणाम में करीब 18 हजार चयनित को भर्ती में शामिल किया गया लेकिन इन चयनित बेरोजगारों के दस्तावेज सत्यापन का कार्य बड़ी चुनौती बन गया था.