राजस्थान में स्वाइन फ्लू का कहर है जारी, 45 दिनों में हुई 125 मौत

स्वाइन फ्लू एक तीव्र संक्रामक रोग है, जो एक विशिष्ट प्रकार के इनफ्लुएंजा वाइरस (एच-1 एन-1) के द्वारा होता है.

राजस्थान में स्वाइन फ्लू का कहर है जारी, 45 दिनों में हुई 125 मौत
स्वाइन फ्लू से बचाव के लिए सरकार आयुर्वेदिक काढ़े का वितरण कर रही है. (फाइल फोटो)

आशुतोष शर्मा, जयपुर: राजस्थान में स्वाइन फ्लू का कहर जारी है. पिछले 45 दिनों में ''125'' मौत हो चुकी है. बताया जा रहा है कि राजधानी जयपुर स्वाइन फ्लू के सबसे ज्यादा पॉजिटिव केस सामने आए है. इस दौरान जोधपुर में सबसे अधिक 30 मौत हुई है.

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, इस साल 2019 में 45 दिनों के अंदर स्वाइन फ्लू के कारण 125 मौतें हो चुकी है. जबकि 14 फरवरी को राज्य के कई इलाकों से 6 लोगों की मौत की खबर आ रही है. जिसमें जोधपुर में 2 ,भरतपुर और नागौर में 1-1 मौत, वहीं, बाड़मेर में हुई 2 मौत शामिल है. राजस्थान में स्वाइन फ्लू फरवरी के माह में भी बेलगाम दिखाई दे रहा है. 

 

क्या है स्वाइन फ्लू 

स्वाइन फ्लू एक तीव्र संक्रामक रोग है, जो एक विशिष्ट प्रकार के इनफ्लुएंजा वाइरस (एच-1 एन-1) के द्वारा होता है. इसमें मरीज को जुकाम, गले में खराश, सर्दी खांसी, बुखार, सिरदर्द, शरीर दर्द, थकान, ठंड लगना, पेटदर्द व उल्टी दस्त की शिकायत रहती है. यह रोग बच्चों एवं गर्भवती महिलाओं को तीव्रता से प्रभावित करता है. यह खांसने, छींकने व छूने से फैलता है. इसके साथ ही संक्रमित होने से 5-7 दिन में यह लक्षण दिखाई देना शुरू हो जाते हैं. 

मरीज भी रखे सावधानी 

स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने के बाद मरीज सबसे पहले चिकित्सकीय परामर्श लें. इसके साथ ही खांसी, जुकाम व बुखार के रोगी से दूर रहें. साफ-सफाई का विशेष रूप से ध्यान रखें. खांसते या छींकते समय मुंह ढंक दें. सर्दी जुकाम होने की स्थिति में भीड़-भाड़ से बचें.