उधारी की EVM से होंगे जयपुर में पंचायत चुनाव, मतदान के बाद ही घोषित हो जाएंगे नतीजे

पंचायतीराज चुनावों की तारीख निर्धारित नहीं, मगर तैयारियां शुरू हो गई हैं. इन चुनावों में सबसे खास बात ये है कि पहली बार (इलेक्ट्रिक वोटिंग मशीन) ईवीएम पर बटन दबाकर चुनाव होंगे. 

उधारी की EVM से होंगे जयपुर में पंचायत चुनाव, मतदान के बाद ही घोषित हो जाएंगे नतीजे
ये पहला मौका होगा, जब सभी जगह ईवीएम से पंचायत चुनाव होंगे.

जयपुर: लोकसभा और विधानसभा चुनाव (Assembly Election) के बाद अब गांव की सरकार का मुखिया भी ईवीएम (EVM) से चुना जाएगा. आगामी पंचायती राज चुनावों में पहली बार मतदाता ईवीएम का बटन दबाकर सरपंच चुनेंगे. 
हर बूथ पर ईवीएम से होने वाले चुनाव के लिए चुनाव आयोग ने तैयारी शुरू कर दी है. जयपुर जिले में पंचायत स्तर पर पहली बार हो रहे प्रयोग में बिहार के चार जिलों की ईवीएम उपयोग में ली जाएगी.

पंचायतीराज चुनावों की तारीख निर्धारित नहीं, मगर तैयारियां शुरू हो गई हैं. इन चुनावों में सबसे खास बात ये है कि पहली बार (इलेक्ट्रिक वोटिंग मशीन) ईवीएम पर बटन दबाकर चुनाव होंगे. लोकसभा से लेकर सबसे निचली इकाई पंचायत तक का चुनाव भी अब ईवीएम से ही होगा यानी की पंचायत चुनाव में बैलेट पेपर से नहीं ईवीएम पर बटन दबाकर अपना सरपंच चुनना होगा.

चार जिलों की ईवीएम से होंगे चुनाव
जयपुर जिले में पहली बार पंचायत चुनाव में बिहार की चार जिलों की EVM से चुनाव होंगे. चार जिलों से 9 हजार 651 कंट्रोल यूनिट और 13 हजार 602 बैलेट यूनिट मंगवाई जाएगी. ईवीएम (एम-2) प्राप्त करने के लिए सभी जिला निर्वाचन अधिकारियों को कहा गया है. जयपुर जिले में आवश्यकतानुसार कंट्रोल और बैलेट युनिट आवंटित करते हुए अगले दस दिनों में ईवीएम लाने के निर्देश दिए हैं. बिहार के चारों जिलों से ईवीएम एकत्रित करनी होगी. 

जिले से जिला निर्वाचन विभाग की टीमें सशस्त्र पुलिस सुरक्षा में वाहनों के साथ ईवीएम लेने संबंधित जिलों में जाएंगी. जयपुर जिले में बिहार प्रांत के समस्तीपुर, नालंदा, मुंगेर और पूर्व चंपारण जिले की ईवीएम से मतदान होगा. अगले दो-तीन दिन में ईवीएम प्राप्त करने के लिए जयपुर से 15 वाहन बिहार जाएंगे. जिला निर्वाचन अधिकारी ने परिवहन विभाग को वाहनों के अधिग्रहण करने के निर्देश दिए हैं. उपजिला निर्वाचन अधिकारी पुरूषोत्तम शर्मा ने बताया की ईवीएम से मतदान होने से ग्रामीण क्षेत्रों में लोग एक साथ एक से अधिक ईवीएम पर वोट डालेंगे. 

कोई वोट नहीं होगा अमान्य
दरअसल पंच, सरपंच सहित पंचायत समिति और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव के लिए मतदान होगा. संभावना है कि पंच-सरपंच के चुनाव एक साथ कराएगा. इसके लिए दो ईवीएम एक साथ रखी जाएगी. ग्रामीण दोनों पर मतदान करेंगे. शर्मा ने बताया की सरपंच पद के लिए पहली बार ईवीएम से मतदान होगा, यहां कोई वोट अमान्य नहीं होगा. गांवों में लोगों के कम पढ़े-लिखे होने के कारण पूर्व में मतपत्र के माध्यम से वोट डालने पर जानकारी के अभाव में कई ग्रामीण मतपत्र पर गलत स्थान पर सील लगा देते थे इस कारण कई वोट अमान्य हो जाते थे. मशीन में नोटा का उपयोग जरूर मतदाता कर सकते हैं. 

तेजी से होती है ईवीएम से मतगणना
ईवीएम से मतगणना बहुत तेजी से होती है. इससे सरपंच पद की मतगणना कम समय में होने से परिणाम जल्द आएगा. मतगणना के समय अमान्य वोट को लेकर प्रत्याशियों के बीच अक्सर विवाद की स्थिति निर्मित हो जाती था. पंचायत चुनाव में प्रत्याशियों के जीत-हार का अंतर बहुत कम होता है. मत अमान्य होने से कई बार प्रत्याशी चंद मतों से हार का सामना करना पड़ता था और विवाद की स्थिति बनती थी. इससे निजात मिल जाएगी.
पहला मौका होगा, जब सभी जगह ईवीएम से पंचायत चुनाव होंगे. इससे पहले वर्ष 2015 में सिर्फ 16 जिलों में ही ईवीएम से पंचायत चुनाव हुए थे यानी की गांव की सरकार ईवीएम से चुनी जाएगी. फायदा भी होगा कि मतदान के तुरंत बाद सरपंच पंचों की नतीजे घोषित कर दिए जाएंगे क्योंकि इनकी गणना बूथ लेवल पर ही होनी है. यहां तक कि सरपंचों को हाथों-हाथ सर्टिफिकेट तक भी सौंप दी जाएंगी.