करौली: घने कोहरे से खिले किसानों के चेहरे, गेहूं की अच्छी पैदावार की जगी उम्मीद

दृश्यता (Visibility) का स्तर 20 मीटर तक पहुंचने से वाहनों की रफ्तार भी धीमी हो गई. वहीं ठंडी हवाओं (Cold Waves) ने मुश्किल और बढ़ा दी. बुधवार को भी हाड़ कंपाने वाली शीतलहर का दौर जारी है. 

करौली: घने कोहरे से खिले किसानों के चेहरे, गेहूं की अच्छी पैदावार की जगी उम्मीद
रात के तापमान में लगातार गिरावट होने से सर्दी का सितम बढ़ता जा रहा है.

आशीष, करौली: दिसंबर (December) माह के अंतिम सप्ताह में पड़ रही कड़ाके की ठंड ने लोगों को ठिठुरने पर मजबूर कर दिया है. बुधवार सुबह घने कोहरे (Fog) ने लोगों की दिनचर्या को प्रभावित किया. 

दृश्यता (Visibility) का स्तर 20 मीटर तक पहुंचने से वाहनों की रफ्तार भी धीमी हो गई. वहीं ठंडी हवाओं (Cold Waves) ने मुश्किल और बढ़ा दी. बुधवार को भी हाड़ कंपाने वाली शीतलहर का दौर जारी है. 

मंगलवार को भी दिन भर शीतलहर का दौर जारी रहा हालांकि कुछ देर धूप निकली लेकिन सर्दी से निजात दिलाने में नाकाम रही. दिनभर कोहरे का असर देखा गया, शीतलहर से बचने के लिए लोग सड़कों और घरों में अलाव तापते नजर आए. 

रात के तापमान में लगातार गिरावट होने से सर्दी का सितम बढ़ता जा रहा है. सुबह पेड़ पौधों की पत्तियों पर ओस की बूंदें जमी नजर आ रही हैं. तेज सर्दी कारण शाम को बाजार जल्दी बंद हो रहे हैं और लोग घरों से कम ही बाहर निकलते. इधर तेज सर्दी से गेहूं, चने में रंगत बढ़ने लगी है, किसानों को अच्छी पैदावार की उम्मीद जगी है. 

मौसम विभाग का अनुमान है की वर्ष के अंतिम दिनों में सर्दी का सितम अभी जारी रहेगा. मौसम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में कड़ाके की ठंड बढ़ेगी.