आखिर हरीश मीणा का कांग्रेस में जाना बीजेपी के लिए कितना होगा नुकसानदायक?

बीजेपी की सरकार से मीणा समुदाय का एक वर्ग आरक्षण, मीना और मीणा पर होने वाला विवाद और मीणाओं को वसुंधरा सरकार में प्रर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिलने से नाराज चल रहा है.

आखिर हरीश मीणा का कांग्रेस में जाना बीजेपी के लिए कितना होगा नुकसानदायक?
बीजेपी सांसद हरीश मीणा कांग्रेस मुख्यालय में.

नई दिल्ली/जयपुर : 2013 के लोकसभा चुनाव के दौरान अपने भाई नमोनारायण मीणा को मात देने वाले हरीश मीणा बुधवार को कांग्रेस में शामिल हो चुके हैं. हरीश मीणा के कांग्रेस में शामिल होने के बाद जहां कांग्रेस के सांसद रघु शर्मा बीजेपी पर अवसरवादिता की राजनीति का आरोप लगा रहे हैं. वहीं मीणा समुदाय के प्रभावी नेता और फिलहाल बीजेपी से राज्यसभा सदस्य किरोड़ी लाल मीणा ने उनके कांग्रेस में शामिल होने से पार्टी पर किसी भी तरह का नकारात्मक प्रभाव नहीं होने की बात कही है .

वैसे कांग्रेस के रणनीतिकार हरीश मीणा को पार्टी में लाकर राज्य के दौसा और आसपास के क्षेत्रों के मीणा मतदाताओं को कांग्रेस के पक्ष में गोलबंद करने का प्रयास कर रहे हैं. साथ हीं किरोड़ीलाल मीणा के खिलाफ एक मजबुत मीणा नेता को भी स्थापित कर रहे है.

आपको बता दें कि, भारतीय पुलिस सेवा के पूर्व अधिकारी हरीश मीणा ने 2014 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी की सदस्यता ली थी. वह बुधवार(14 नवंबर) को नई दिल्ली में कांग्रेस में शामिल हुए. 

हरीश मीणा के कांग्रेस में जाने से बीजेपी के वोटों में लग सकती है सेंध

जेएनयू के एसोसियट प्रोफेसर डॉ गंगा सहाय मीणा का मानना है कि कांग्रेस के परंपरागत वोटर रहे मीणा समुदाय पिछले कुछ वर्षो से किरोड़ी लाल मीणा के साथ रहा है और वे एक मजबूत मीणा नेता के रुप में खुद को स्थापित कर चुके हैं. लेकिन बीजेपी के सांसद हरीश मीणा के कांग्रेस में आने से बीजेपी के वोटों में सेंध लग सकती है. मीणा का यह भी मानना है कि इसको देखते हुए संभवत: कांग्रेस ने बीजेपी सांसद हरीश मीणा को कांग्रेस के पाले में किया है. मीणा यह भी कहते हैं कि बीजेपी की सरकार से मीणा समुदाय का एक वर्ग नाराज भी चल रहा है. जिसका कारण आरक्षण, मीना और मीणा पर होने वाला विवाद का निपटारा बीजेपी की सरकार ने नहीं हो सका और मीणाओं को वसुंधरा सरकार में प्रर्याप्त प्रतिनिधित्व भी न देना बताया जा रहा है.

वैसे हरीश मीणा का परिवार काफी मीणा समुदाय में काफी प्रभावशाली रहा है. हरीश मीणा और उनके भाई नमोनारायण मीणा राजस्थान के डीजीपी भी रहे हैं. वहीं उनके एक भाई ओम प्रकाश राजस्थान सरकार में मुख्य सचिव और एक अन्य भाई भवानी सिंह भारत सरकार में प्रशासनिक पदाधिकारी हैं. माना जाता है कि भवानी सिंह हरीश और नमोनारायण के लिए राजनीतिक प्लानिंग करते हैं. 

वैसे सूत्रों का कहना है कि उन्हें कांग्रेस आलाकमान की तरफ से सरकार बनने पर उचित भागीदारी देने का भरोसा दिया गया है.