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भीनमाल में भू-माफियाओं का आतंक, सरकारी जमीनों पर खुलेआम हो रहा अवैध कब्जा

 यह कारोबार बेखौफ तरीके से पिछले 1 साल से इस शहर में चल रहा है, लेकिन इन पर कोई कार्रवाई करना तो दूर की बात बहुमंजिला इमारतों पर रोकथाम के लिए भी नगर पालिका कोई कदम नहीं उठा रही हैं.

भीनमाल में भू-माफियाओं का आतंक, सरकारी जमीनों पर खुलेआम हो रहा अवैध कब्जा
शहर की सरकारी जमीनों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद भी अवैध रूप से बिल्डिंग खड़ी हो गई है

बबलु मीणा/जालोर: अगर आपको करोड़पति बनना है तो इसके लिए सबसे बेहतरीन जगह होगी भीनमाल. जी हां यहां नगरपालिका की करोड़ों रुपया की ज़मीनों पर आप आइए और अवैध रूप से कब्जा करके करोड़ों रुपये कमाइए. ये हम नहीं कह रहे हैं ये कह रही है भीनमाल नगरपालिका के अधिकारी, क्योंकि यहां नगरपालिका के अधिकारियों को महज़ आपको छोटी सी रक़म रिश्वत के रूप में देकर के आप करोड़ों रुपया की सरकारी ज़मीन पर अवैध रूप से कब्ज़े करके रातोरात मालामाल हो सकते हैं. ये कारोबार बेखौफ तरीके से पिछले 1 साल से इस शहर में चल रहा है, लेकिन इन पर कोई कार्रवाई करना तो दूर की बात बहुमंजिला इमारतों पर रोकथाम के लिए भी नगर पालिका के नुमाइंदे दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं.

देश में भले ही विभिन्न कामों को लेकर विभिन्न प्रकार के कानून बने हो लेकिन भीनमाल में तो बेखौफ भू-माफियाओं व बिल्डरों ने अपने ख़ुद के नियम कायदे बनाकर शहर को बेचना शुरू कर दिया है. भीनमाल शहर में दबंग बिल्डरों व भू माफ़ियाओं ने राजनेताओं की शह पर बड़े-बड़े अवैध रूप से कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स व इमारते खड़ी कर दी हैं. इसको लेकर न तो कोई नगर पालिका से किसी प्रकार की इजाज़त ली और न ही नियम कायदों को ध्यान में रखा. इतना ही नहीं शहर की सरकारी व गौचर जमीनों पर सुप्रीम कोर्ट की रोक के बावजूद भीअवैध रूप से बिल्डिंग खड़ी हो गई और करोड़ो रुपये में कॉमर्शियल कामकाज भी जा जारी है. 

पिछले दिनों सूरत में हुए भयानक अग्निकांड के बावजूद भी भीनमाल नगर पालिका के अधिकारी पैसों के लालच में किस तरीक़े से बहुमंजिला इमारतों के ख़िलाफ कार्रवाई करने में दिलचस्पी नही दिखा रहे है. वैसे ये अधिकारी भला क्यों करे कार्रवाई, इमारतों के मालिक इन नगरपालिका के अधिकारियों को मोटी रिश्वत देकर बहुमंजिला इमारतो व कॉम्पलेक्स का निर्माण कर रहे हैं. बावजूद इन पर किसी प्रकार के लगाम लगाने में विभाग के नुमाइंदे दिलचस्पी नही दिखा रहे हैं. ऐसे में वो दिनों दूर नहीं जब सूरत जैसा अग्निकांड भीनमाल में भी नज़र आएगा. बार बार विभागीय अधिकारियों को हिदायत देने के बावजूद भी इन अधिकारियों के कानों से जूं तक नहीं रेंग रही है. 

वैसे तो भीनमाल शहर कवि माघ व गणितज्ञ ब्रह्मगुप्त की नगरी है, यहां की मिसाल दूर दूर तक दी जाती है. लेकिन आजकल भीनमाल शहर को नजर लग चुकी है क्योंकि यहां के भूमाफिया का आतंक दिन-ब-दिन बढ़ रहा है. यहा कोई आमआदमी का आतंक नही बल्की शहर के नेता, व्यापार संघ के पददागारी, बड़े ठेकेदार सहित शहर के दंबगों के द्वारा सरकारी जमीनों पर कब्जे किये जा रहे है. शहर में भू माफियाओं के द्वारा शमशान की जमीन, सार्वजनिक शौचालय की जमीन, प्राचीन तालाब, शहर के नाले सहित सरकारी जमीन पर इन लोगों ने अवैध रूप से कब्जा बना लिए हैं. आपको बता दें उच्च पदों पर बैठे हुए सरकारी वह नुमाइंदे है जो सरकारी जमीनों की हिफाजत के लिए सरकार ने बैठाया वो भी कारेवाही करने से डर रहे हैं. जिससें चलते शहर की नदी, नाले व तालाबों पर बड़े-बड़े कमर्शियल बिल्डिंग बन गई और वहां पर करोड़ों रुपए का बिजनेस होता है, इतना ही नहीं इन माफियाओं के द्वारा सरकारी जमीनों के ऊपर पहले कब्जे किए जाते हैं और उसके ऊपर बड़े-बड़े कमर्शियल बिल्डिंग बनाकर उन्हें करोड़ों अरबों रुपए में बेचा जाता है. 

पालिका में निर्माण स्वीकृति का नियम 
नगरपालिका क्षेत्र में मकान निर्माण से पहले पालिका प्रशासन से भवन निर्माण की स्वीकृति के लिए आवेदन पेश करना होता है. भवन निर्माण में आवासीय व व्यवसायिक निर्माण की स्वीकृति को लेकर पालिका जेईएन मौका रिपोर्ट तैयार कर ईओ को पेश करता है, जिस पर पालिका द्वारा उक्त निर्माण स्वीकृति को लेकर पालिका नियमानुसार शुल्क लेकर निर्माण की स्वीकृति प्रदान करता है. 

इन नियमों के तहत पालिका में होता भवन निर्माण
पालिका क्षेत्र में भूखंड के क्षेत्रफल के आधार पर ही भवन निर्माण में ऊंचाई प्रदान की जाती है. पालिका में 100 वर्गमीटर से 162 वर्गमीटर तक के भूखंड सेट बैक क्षेत्र के अंदर जिसमें सामने 3 मीटर व 2.5 मीटर पीछे स्थान रिक्त होना जरूरी है.उस भूखंड में उक्त निर्माण की ऊंचाई 12 मीटर अधिकतम भूतल एवं 2 मंजिल बना सकता है. 350 वर्गमीटर से लेकर 500 वर्गमीटर तक के भूखंड में करीब 6 मीटर तक सामने एवं 3 मीटर बगल में एवं 3 मीटर पीछे सेटबैक छोड़ना अनिवार्य है. जबकि अधिकतम ऊंचाई 14 मीटर यानि 45 फीट होना अधिकतम भूतल एवं दो मंजिल है.

शहर की इन जगहों पर अतिक्रमण
खारी रोड, महावीर चौराहा, करडा चार रास्ता, प्रताप कॉलोनी, श्रीमाल नगर, माघ कॉलोनी, जालौर रोड, रानीवाड़ा रोड, पुनासा रोड, जुंजाणी रोड, तलबी रोड, पिपली चौक, माघ चौक, पुनासा बस स्टैंड, जुंजाणी बस स्टैंड, दासपा बस स्टैंड, मालवीय नगर सहित शहर की ऐसी कोई जगह नहीं है, जहां पर इन दबंगों के द्वारा कोई सरकारी जमीन को छोड़ा हो. जहां सरकारी जमीन मिल गई उन सभी जमीनों के ऊपर इन माफियाओं ने बेखौफ तरीके से कब्जा कर लिया है. ऐसे में अब देखने वाली बात होगी कि जब जी मीडिया को इस खबर से प्रमुखता के दिखाने के बाद सरकार का प्रशासनिक अधिकारी कितने गंभीरता दिखाते हैं.