स्वच्छता के संदेश के साथ जयपुर मैराथन में दौड़े 20 देशों के 55 हजार से ज्यादा धावक

आयोजन के दौरान शहर की सड़कों पर एस्ट्रेनोट, स्पाइडर मैन, बैटमैन सहित विभिन्न परिधानों में धावकों ने दौड़ में हिस्सा लिया.

स्वच्छता के संदेश के साथ जयपुर मैराथन में दौड़े 20 देशों के 55 हजार से ज्यादा धावक
जयपुर मैराथन के 10वें संस्करण का आयोजन रविवार को हुआ.

ललित कुमार, जयपुर: रविवार की सुबह राजधानी जयपुर के लिए कुछ अलग ही नजारा लेकर आई. वक्त था जयपुर के दौड़ने का. जयपुर मैराथन के इस आयोजन में शहर की सड़कों पर एस्ट्रेनोट, स्पाइडर मैन, बैटमैन सहित विभिन्न परिधानों में धावकों ने दौड़ में हिस्सा लिया. बताया जा रहा है कि, भारत की सबसे बड़ी जयपुर मैराथन में आज पूरा जयपुर ही नहीं देश और दूनिया के कई कोने से आए हजारों धावक दौड़े. 

जयपुर मैराथन के 10वें संस्करण में करीब 20 देशों के 55 हजार धावकों ने हिस्सा लिया है. जिसकी शुरूआत सुबह 4 बजे से होने के बाद दोपहर 2 बजे तक लगातार जारी रही. इस दौरान मैराथन में हिस्सा लेने के लिए अहले सुबह से ही धावक एसएमएस मेडिकल कॉलेज के बाहर जुट गए थे. 5 वर्गों में में आयोजित हुई जयपुर मैराथन में 42 किलोमीटर की फूल मैराथन, 21 किलोमीटर की हाफ मैराथन, 10 किलोमीटर, 5 किलोमीटर और ड्रीम रन का आयोजन किया गया था. इस बार हाफ मैराथन में पहली बार महिला और पुरुष वर्ग में पहले तीनों स्थानों पर भारत के धावकों ने कब्जा जमाया है.

जहां ऑस्ट्रेलिया के एलिस्टर एस्ट्रोनोट बनकर जयपुर की सड़को पर दौड़ रहे थे. वहीं भारत के धावक गणेश स्पाइडर मैन के अलावा राजस्थानी परिधानों में सड़कों पर नजर आए.  21 किलोमीटर की हाफ मैराथन महिला वर्ग में प्रथम स्थान चूरू की रिंकु पूनियां को मिला है. वहीं, पुरुष वर्ग में गोविंद सिंह शेखावत विजेता बने. 

स्वच्छता और स्वस्थ शरीर के संदेश के साथ धावकों ने लगाई दौड़

राजधानी जयपुर में रविवार सुबह हजारों की संख्या में लोग स्वच्छता और स्वस्थ शरीर की प्रेरणा देते हुए दौड़ते हुए नजर आए. करीब सुबह 2 बजे से ही हजारों जयपुर वासी फिटनेस की प्रेरणा देते हुए मैराथन में दौड़े. शहर के अलावा जयपुर ही नहीं बल्कि देश-विदेश से आए धावकों ने भी इस मैराथन में भाग लिया था. जयपुर मैराथन का हिस्सा बनने के लिए मंत्री शांति धारीवाल, मंत्री रघु शर्मा, मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास, मंत्री बीडी कल्ला, महापौर विष्णु लाटा सहित कई गणमान्य मौजूद थे.