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राजस्थान में मौत का दूसरा नाम बना 'स्वाइन फ्लू', 86 दिनों में हुई 187 लोगों की मौत

आंकड़ों की माने तो स्वाइन फ्लू पॉजिटिव के मामले में पूरे देश में पहले पायदान पर राजस्थान खड़ा है.

राजस्थान में मौत का दूसरा नाम बना 'स्वाइन फ्लू', 86 दिनों में हुई 187 लोगों की मौत
2018 में 225 लोगों की स्वाइन फ्लू के कारण मौत हो गई. (फाइल फोटो)

जयपुर: राजस्थान में स्वाइन फ्लू मौत का दूसरा नाम बनकर उभरा है. राज्य में 2019 की शुरुआत के बाद 86 दिनों के अंदर 187 लोगों की स्वाइन फ्लू से मौत हो चुकी है. वहीं, पिछले 9 साल के दौरान 1 हजार से ज्यादा लोग इस बीमारी की चपेट में आकर जान गंवा चुके हैं. आंकड़ों की माने तो स्वाइन फ्लू पॉजिटिव के मामले में पूरे देश में पहले पायदान पर राजस्थान खड़ा है. 

आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, 1 जनवरी से 27 मार्च तक 187 मौतें हुई है. जिसमें सबसे ज्यादा 34 मौत जोधपुर जिले में हुई है. वहीं, राजधानी जयपुर में 17, बाड़मेर जिले में 16 और कोटा में 14 लोगों की मौत हो चुकी है. इसके साथ ही राज्य में स्वाइन फ्लू के अब तक करीब 4 हजार 843 केस आये पॉजिटिव आए हैं. औसतन राज्य में हर दो दिन में पांच लोग इस कारण मौत का ग्रास बने हैं. 

वही, 2010 में 11, 2011 में 60, 2012 में 165, 2013 में 165, 2014 में 34, 2015 में 472, 2016 में 46, 2017 में 280 मरीज़ों की मौत हुई है. जबकि पिछले साल 2018 में 225 लोगों ने स्वाइन फ्लू की चपेट में आकर मौत के शिकार हो गए.

राज्य में नई सरकार के गठन के बाद कांग्रेस सरकार के मुखिया अशोक गहलोत, उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट और स्वास्थ्य मंत्री रघु शर्मा समेत पूरी ब्यूरोक्रेसी जिस रोग को जिम्मेदारी संभालते ही नियंत्रित करने में लगे हुए थे. उसी रोग की चपेट में ब्यूरोक्रेसी की मुखिया की पत्नी और सीनियर आईएएस अधिकारी भी आ चुके हैं.