close

खास खबरें सिर्फ आपके लिए...हम खासतौर से आपके लिए कुछ चुनिंदा खबरें लाए हैं. इन्हें सीधे अपने मेलबाक्स में प्राप्त करें.

राजस्थान में पशुओं को स्वस्थ रखने की पहल, डायलिसिस से दूर की जाएगी बीमारी

प्रदेश की एकमात्र वेटनरी यूनिवर्सिटी और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के बीच हाल में एक एमओयू किया गया जिसके तहत पहले चरण में दो हिमो डायलिसिस मशीन उपलब्ध करवाई जाएगी. 

राजस्थान में पशुओं को स्वस्थ रखने की पहल, डायलिसिस से दूर की जाएगी बीमारी

बीकानेर: आज की इस भागदौड़ की जिंदगी में खानपान के असंतुलन के कारण आज हर कोई बीपी शुगर जैसी कई बीमारियों से ग्रसित है जो गुर्दो पर अपना असर दिखाती हैं. हमने कई बार सुना भी है हमारे रिश्तेदार या पड़ोसी के गुर्दे खराब होने के कारण उनका डायलिसिस किया जा रहा है. ऐसी ही समस्या पशुओं में देखी जा रही है लेकिन अगर ये डायलिसिस पशुओं के लिए किया जाए तो अचम्भा होता है लेकिन प्रदेश में अब वो दिन दूर नही जब पशु चिकित्सा केंद्र (बड़े स्तर) पर पशुओं का भी डायलिसिस कर उनके जीवन की रक्षा की जाएगी.

प्रदेश की एकमात्र वेटरनरी यूनिवर्सिटी और इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन के बीच हाल में एक एमओयू किया गया जिसके तहत पहले चरण में दो हिमो डायलिसिस मशीन उपलब्ध करवाई जाएगी. एमओयू के तहत दो हिमो डायलिसिस यूनिट वेटरनरी क्लिनिकल कॉम्प्लेक्स जयपुर और दो इकाइयां बीकानेर व उदयपुर वेटरनरी कॉलेज में स्थापित की जाएगी. 

वेटरनरी विवि के कुलपति प्रो. विष्णु शर्मा के अनुसार राज्य के पशुओं में गंभीर गुर्दे संबंधी बीमारी के निदान और उपचार की सुविधा पहली बार मिलने से पशु पालकों के कीमती पशुधन को बचाने में आर्थिक लाभ होगा. विश्वविद्यालय का उद्देश्य है कि पशुओं को भी मानव के बराबर उच्च चिकित्सा सुविधाए मिले ताकि पशुपालकों को लाभ हो सके. 

वहीं पशुपालकों में डायलिसिस मशीन को लेकर काफी उत्साह है. पशु पालकों की माने तो इस मशीन के स्थापित होने से पशुओं को राहत मिलेगी साथ महंगे पशु जो असमय काल का ग्रास बन जाते है उनको बचाया जा सकेगा. डायलिसिस मशीन लगने से जहां पशुओं का उपचार सरल होगा वहीं चिकित्सकों को भी गुर्दे से संबंधित जटिल रोगों के अनुशंधान में सहायता मिलेगी अब देखना ये होगा कि विश्वविद्यालय की पहल से पशुपालकों को कितना लाभ होगा.