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कपड़ा फैक्ट्री के उद्धाटन में पहुंची स्मृति ईरानी, गहलोत सरकार के मंत्री रहे नदारद

कार्यक्रम की शुरुआत में ही केंद्रीय मंत्री उद्घाटन समारोह में भीड़ नहीं रहने से नाराज हो गईं. 

कपड़ा फैक्ट्री के उद्धाटन में पहुंची स्मृति ईरानी, गहलोत सरकार के मंत्री रहे नदारद
सांगानेर के कार्यक्रम में ईरानी ने अपना भाषण भी पूरा नहीं किया.

जयपुर: केंद्रीय वस्त्र मंत्री स्मृति ईरानी सोमवार को राजधानी जयपुर में एक कार्यक्रम के लिए पहुंची. कार्यक्रम की शुरुआत में ही केंद्रीय मंत्री नाराज हो गई. जिसका कारण उद्घाटन समारोह में भीड़ का नहीं आना रहा. जिसके बाद बीजेपी नेता ईरानी की नाराजगी को दूर करने में लग गए.

वहीं, कार्यक्रम में राजस्थान सरकार का कोई भी प्रतिनिधि नहीं पहुंचा था. जिसपर बीजेपी नेताओं ने गहलोत सरकार पर विकास के मुद्दे पर राजनीति करने का आरोप भी लगाया. 

कार्यक्रम के दौरान ईरानी ने कहा कि भारत सरकार के आर्थिक अनुदान के चलते सांगानेर की कपड़ा रंगाई छपाई इकाइयों को नया जीवन मिला है. इन इकाइयों पर बंद होने का खतरा मंडरा रहा था. इस बीच केंद्र सरकार के सहयोग से 159 करोड़ रुपए खर्च कर सीपीटी प्लांट का निर्माण कराया गया है. इस प्लांट के जरिए 835 इकाइयों का दूषित पानी रिसायकल हो सकेगा. 

राजनीति की भेंट चढ़ गया उद्घाटन समारोह

कार्यक्रम के फ्लॉप होने से नाराज मंत्री को मनाने में स्थानीय सांसद रामचरण बौहरा और सांगानेर विधायक अशोक लाहोटी की कोशिशें भी बेकार रही. ईरानी ने अपना भाषण भी पूरा नहीं किया. बताया जा रहा है कि ईरानी खाली कुर्सियों देखकर नाराज थी. जिसके बाद उन्होंने बड़े कार्यक्रम में भाषण देने की बात कही. माना जा रहा है कि केंद्रीय मंत्री के कार्यक्रम में हजारों लोगों की भीड़ आने का दावा किया गया था. लेकिन कार्यक्रम के दौरान मौजूद भीड़ काफी कम थी. इस दौरान मंच पर स्मृति ईरानी ने बोहरा व लाहोटी को बड़े कार्यक्रम में बुलाने की बात दोहराई. 

सांगानेर कपड़ा एसोसिएशन कांग्रेस सरकार से लेना चाहता था सहयोग

सांगानेर कपड़ा छपाई एसोसिएशन इस कार्यक्रम को प्रदेश में कांग्रेस सरकार के सहयोग से पूरा करना चाहती थी . ताकि प्लांट संचालन में स्थानीय सरकार की भावी आवश्यकताओं की पूर्ति हो सके. लेकिन केंद्रीय वस्त्र मंत्रालय ने आयोजन का पूरा जिम्मा अपने हाथ लिया. जिस कारण आपसी गुटबाजी और राजनीति के चलते चुनिंदा उद्यमी ही कार्यक्रम में मौजूद रहे. माना जा रहा है कि इस उद्योग से सीधे तौर पर एक लाख लोगों और अप्रत्यक्ष तौर पर चार लाख लोगों को रोजगार मिल सकता है. कार्यक्रम के दौरान सांगानेर रंगाई छपाई एसोसिएशन के पदाधिकारी छिपते नजर आए.