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जयपुर कस्टम विभाग ने एयरपोर्ट पर पकड़ा 583 ग्राम तस्करी का सोना

खबर के मुताबिक एयर अरबिया की फ्लाइट से आए यात्री से यह सोना बरामद किया गया

जयपुर कस्टम विभाग ने एयरपोर्ट पर पकड़ा 583 ग्राम तस्करी का सोना
जयपुर निवासी गणपत शर्मा को कस्टम विभाग ने अपनी गिरफ्त में लिया है

अंकित तिवाड़ी/जयपुर: एयरपोर्ट सोना तस्करी का गढ़ बनता जा रहा है. तस्कर अलग अलग तरीके अपना कर सोना तस्करी को अंजाम दे रहे हैं, लेकिन एयरपोर्ट पर तैनात कस्टम एयर इंटेलीजेंस विंग की टीम तस्करों के मंसूबे फेल कर रही है. रविवार को भी कस्टम विभाग ने 583 ग्राम तस्करी का सोना पकड़ा.

खबर के मुताबिक एयर अरबिया की फ्लाइट से आए यात्री से यह सोना बरामद किया गया. यात्री एल ई डी लाइट में छुपा कर तसकरी का सोना भारत ला रहा था. जयपुर निवासी गणपत शर्मा को कस्टम विभाग ने अपनी गिरफ्त में लिया है. शाहजहां-जयपुर फ्लाइट आए यात्री से विभाग अब आगमी पूछताछ कर रहा हैं. 

बढ़ रही हैं सोने की तस्करी 
विदेशों से सोना तस्करी कर करोड़ों रुपए की चपत राजस्व में लगाई जा रही है. इंटरनेशनल सर्वे एजेंसी मेटल फोकस के अनुसार भारत में ऊंची आयात शुल्क दरों से बचने के लिए सोने की स्मगलिंग का जोर है. एजेंसी के अनुसार तीन साल में भारत में 580 टन सोने की वैध अथवा अवैध तरीके की स्मगलिंग की गई जिसका मूल्य लगभग 1.65 लाख करोड़ रुपए हैं.

इसके लिए देशभर के एयरपोट्स का इस्तेमाल प्रमुखता से हो रहा हैं. इनमें मुंबई, कलकत्ता, अहमदाबाद, दिल्ली, बैंगलुरू सहित जयपुर का भी नाम शामिल है. तस्कर एक की बजाय अलग अलग तरीके तस्करी के लिए अपना रहे है, ताकि एयर इंटेलीजेंस टीम की निगाहों में आने से बच सकें. 

सर्तकता के बावजूद तस्करी जारी
अंतराष्ट्रीय आगमन पर लगाए गए बॉडी स्कैनर और यात्रियों की गतिविधि से अब तक अधिकतर मामले पाए गए है. कस्टम विभाग के अधिकारियों ने ऑफ कैमरा यह भी स्वीकार किया कि कोशिश सौ फीसदी मामलों को पकड़ने की होती हैं, लेकिन कई बार लोग पर्याप्त जांच और सर्तकता के बाद भी कैमरों, बॉडी स्कैन से बच कर निकल जाते हैं.

तस्करी के पिछले एक साल में सामने आए मामलों में उन लोगों का इस्तेमाल किया गया जो खाड़ी देशों में मजदूरी करने गए थे या बेहद गरीब परिवार से थे. उन्हें सोना देने और लेने वाले की कोई जानकारी नहीं थी. हर बार अलग अलग तरीका यात्रियों के मलद्वार, बैग्स में लोहे की रिंग, प्रेस, टार्च, फुटवियर सहित कई अन्य जगहों पर छिपाकर सोना तस्करी के मामले सामने आ रहे हैं.वहीं लगातार बढ़ रही तस्करी पर केंद्रीय वित्त मंत्रालय ने चिंता जाहिर की हैं. 

अब डायरेक्टोरेट ऑफ रेवेन्यु इंटेलिजेंस, कस्टम विभाग और आयकर विभाग सहित केंद्रीय खुफिया सूचना एजेसिंयों के साथ मिलकर विशेष ऑपरेशन चलाने की तैयारी में है. कोशिश हैं बड़ी मछलियों को जाल में फासने की अब तक केवल कूरियर ब्वाय के रुप में यात्री हाथ लगे हैं लेकिन विदेश में बैठकर भारत मे सोना भेजने वाले पकड़ से बाहर हैं. डीआरआई अधिकारियों का कहना है सोना भेजने और लेने वाले दोनों विभाग की नजरों में है. जल्द ही इस अंतराष्ट्रीय नेटवर्क का खुलासा होगा और तस्कर शिंकजों में होंगे.