Jaipur: राजस्थान हाईकोर्ट ने ग्रेटर नगर निगम के तत्कालीन आयुक्त यज्ञमित्र देव सिंह के विवाद में बर्खास्त हुए तीन पार्षदों के वार्ड में उपचुनाव कराने पर अंतरिम रोक लगा दी है. इसके साथ ही अदालत ने राज्य सरकार को जवाब पेश करने के लिए तीन सप्ताह का समय दिया है. जस्टिस महेन्द्र गोयल ने यह आदेश अजय सिंह चौहान, शंकर शर्मा और पारस जैन की याचिकाओं पर दिए.


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याचिकाओं में कहा गया कि राज्य सरकार ने गत 13 अक्टूबर को निर्वाचन विभाग को प्रदेश के निकायों में खाली पड़ी सीटों पर उप चुनाव के लिए पत्र लिखा है. इसमें जयपुर ग्रेटर नगर निगम की चार सीटों को भी शामिल किया गया था. इनमें बर्खास्त महापौर सौम्या गुर्जर के वार्ड के साथ ही याचिकाकर्ताओं के वार्ड नंबर 39, 72 और 103 भी शामिल हैं.


याचिकाओं में कहा गया कि यदि इन वार्ड को लेकर चुनाव प्रक्रिया शुरु हो जाती है तो उनके अधिकार प्रभावित होंगे और याचिका पेश करने का उद्देश्य ही समाप्त हो जाएगा. ऐसे में चुनाव प्रक्रिया शुरू करने पर रोक लगाई जाए. वहीं राज्य सरकार की ओर से याचिकाओं में जवाब पेश करने के लिए समय मांगा गया. इस पर अदालत ने चुनाव प्रक्रिया शुरू करने पर अंतरिम रोक लगाते हुए मामले की सुनवाई 15 नवंबर को तय की है.


गौरतलब है कि जयपुर नगर निगम ग्रेटर में 4 जून 2021 से चला आ रहा घटनाक्रम पर 27 सितम्बर को सौम्या गुर्जर की मेयर और पार्षद पद से बर्खास्ती के साथ ही विराम लग गया. 16 माह में मामला हाईकोर्ट से लेकर सुप्रीम कोर्ट तक पहुंचा. डॉ. सौम्या को राहत तो आठ माह की मिली लेकिन आज फिर सौम्या गुर्जर को राज्य सरकार के बर्खास्ती के आदेश के बाद मेयर की कुर्सी से दूर होना पडा.


Reporter- Mahesh Pareek


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