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जैसलमेर: श्रम विभाग ने नए मकानों पर सेस कर वसूलने के लिए कमर कसी, सर्वे शुरू

पहले नगर परिषद ही सेस कर वसूल करती थी और बाद में श्रम विभाग को सेस कर जमा करवाया जाता था.

जैसलमेर: श्रम विभाग ने नए मकानों पर सेस कर वसूलने के लिए कमर कसी, सर्वे शुरू
अब तक 250 से अधिक मकानों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं.

मनीष रामदेव/जैसलमेर: जोधपुर के जैसलमेर जिले भर में नए मकानों पर सेस कर की गाज गिरने वाली है. नियमों के अनुसार वर्ष 2009 के बाद जितने भी नए मकान बने हैं और उनकी लागत 10 लाख से ज्यादा है तो उस पर मकान मालिक को एक प्रतिशत सेस कर चुकाना होगा. अब तक सेस कर को लेकर न तो नगर परिषद गंभीर थी और न ही श्रम विभाग, लेकिन अब श्रम विभाग ने बकाया सेस कर वसूलने के लिए कमर कस ली है. जानकारी के अनुसार सेस कर उन्हीं निर्माणों में वसूला जाएगा, जिनकी लागत 10 लाख रुपए से अधिक है. ऐसे में शहर में अधिकतर मकान इस श्रेणी में आ रहे हैं. एक अनुमान के मुताबिक प्रति मकान 10 से 30 हजार की वसूली होगी, जिससे श्रम विभाग को करोड़ों रुपए का राजस्व मिलेगा. 

गौरतलब है कि पूर्व में नगर परिषद ही सेस कर वसूल करती थी और बाद में श्रम विभाग को सेस कर जमा करवाया जाता था. इस मामले में केवल उन्हीं का सेस कर जमा होता था, जो नगर परिषद के पास नक्शा पास करवाने जाते थे. बिना नक्शा पास करवाए मकान बनाने वाले यह सेस कर जमा नहीं करवाते थे, लेकिन अब श्रम विभाग सक्रिय हो गया है और नक्शा पास करने से पहले सेस कर की रसीद नगर परिषद को देनी होगी.

वहीं, अब सेस कर सीधे ही श्रम विभाग में जमा होगा. दूसरी तरफ जिन्होंने नक्शे पास नहीं करवाए हैं उनसे वसूली के लिए श्रम विभाग सर्वे भी कर रहा है. नगर परिषद के अधिकारियों के अनुसार नगर परिषद के पास नक्शे पास करवाने के लिए केवल सरकारी कर्मचारी या फिर हाउस लोन लेने वाले ही आते हैं. इनके अलावा जो अपने स्तर पर मकान बनवाते हैं वे नगर परिषद से नक्शे पारित नहीं करवाते हैं और उनके द्वारा सेस कर भी जमा नहीं करवाया जाता है. श्रम विभाग ऐसे मकानों का सर्वे करने में जुटा हुआ है.

श्रम विभाग का सर्वे शुरू, जारी होंगे नोटिस 
जानकारी के अनुसार नगर परिषद ने श्रम विभाग को वर्ष 2017 के बाद नक्शे पास करने के दौरान भूखंड मालिक से एक प्रतिशत राशि वसूली थी. उसके करीब 44 लाख रुपए नगर परिषद के पास है और श्रम विभाग को दिए जाने हैं. वहीं दूसरी तरफ हाल ही श्रम विभाग ने नोटिस जारी कर करीब 50 लाख रुपए की वसूली कर ली है. इस मामले में श्रम विभाग ने कमर कस ली है और सर्वे शुरू कर दिया है. अब तक 250 से अधिक मकानों को नोटिस जारी किए जा चुके हैं. इनसे एक प्रतिशत सेस कर वसूला जाएगा.

श्रम विभाग के अनुसार आगामी दिनों में अभियान चलाया जाकर पहले शहरी क्षेत्र और बाद में ग्रामीण क्षेत्रों में सर्वे कर नोटिस जारी किए जाएंगे. जानकारी के अनुसार जैसलमेर में करीब 2 से 3 हजार मकान इन नियमों के दायरे में आ रहे हैं. ऐसे में अब इन मकानों पर सेस कर की गाज गिरने वाली है. इनमें अधिकतर मकान वे हैं, जिनके नक्शा पास कराए बिना सीधे ही निर्माण कर लिया गया है. अब श्रम विभाग के सर्वे में ये मकान सामने आएंगे और उन्हें सेस कर जमा करवाने के नोटिस जारी किए जाएंगे. इसके अलावा जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में भी नए निर्माणों पर सेस कर वसूला जाना है. हालांकि ग्रामीण क्षेत्रों में इस श्रेणी में आने वाले मकानों की संख्या ज्यादा नहीं होगी, फिर भी पोकरण, रामदेवरा, फतेहगढ़, मोहनगढ़ व रामगढ़ जैसे बड़े कस्बों में कई मकान इस दायरे में आ सकते हैं.