जालोर: 23 दिनों से कड़कड़ाती ठंड में धरना दे रहे किसान, सरकार नहीं दे रही ध्यान

3 दिसंबर से नर्मदा नहर से सिंचाई के लिए पानी की मांग के साथ 5 गांवों का धरना जारी बना हुआ है. 23 वें दिन भी सैकड़ों किसान धरने पर डटे हुए हैं.

जालोर: 23 दिनों से कड़कड़ाती ठंड में धरना दे रहे किसान, सरकार नहीं दे रही ध्यान
अलाव के सहारे किसान मेघावा में नर्मदा मुख्य नहर पर बैठे हुए हैं.

जालोर/बबलू मीणा: दिसंबर माह में कड़ाके की सर्दी में खुले आसमान के नीचे किसानों का धरना दिन-रात जारी बना हुआ है. जहां, भीषण ठंड में भी किसान नर्मदा नहर से सिंचाई के लिए पानी की मांग को लेकर धरने पर बैठे हुए हैं. 

बता दें कि 3 दिसंबर से नर्मदा नहर से सिंचाई के लिए पानी की मांग के साथ 5 गांवों का धरना जारी बना हुआ है. 23 वें दिन भी सैकड़ों किसान धरने पर डटे रहे. लगातार सर्दी में तापमान गिर रहा है और कड़ाके की ठंड में रात में भी अलाव के सहारे किसान मेघावा में नर्मदा मुख्य नहर पर बैठे हुए हैं. 

चितलवाना उपखण्ड के पांच गांव (मेघावा, मणोहर, वीरावा, कुंडकी व अगड़ावा) नर्मदा मुख्य नहर के अनकमाण्ड क्षेत्र में है, जिन किसानों की बेशकीमती जमीन औने-पौने दाम पर लेकर इनके खेतों के बीच मे से नहर निकालकर खेतों को अधिगृहित कर लिया. खेत के बीच में से नहर निकलने से खेत को भी दो टुकड़ो में बांट दिया. उस समय किसानों ने कोई विरोध नहीं किया क्योंकि किसानों ने सोचा कि नर्मदा का मीठा पानी मिलेगा. उस मीठे पानी मिलने से अच्छी फसल होगी उससे इस नुकसान की भरपाई भी हो जाएगी.

लेकिन ग्रामीणों की मानें तो सरकार ने इन किसानों के साथ ऐसा होने नहीं दिया. इन किसानों की भूमि असिंचित क्षेत्र में है जिसके कारण अभी इस क्षेत्र के किसान नहर में से एक लीटर पानी भी नहीं ले पाएंगे. किसान अपने खेतों को सिंचित क्षेत्र में शामिल करवाने के लिए गत 23 दिन से धरने पर है किसान दिन-रात धरने पर बैठे हैं. लेकिन अभी तक न तो नर्मदा के अधिकारियों ने इन किसानों की सुध ली है और न ही सरकार ने इन किसानों के हालात की जानकारी ली है.

हालांकि, किसानों के धरने पर वन एंव पर्यावरण मंत्री सुखराम बिश्नोई पहुंचे थे. लेकिन किसानों से वार्ता की लेकिन कोई ठोस अश्वासन नहीं दिया जिसके कारण धरना आज तक भी जारी है. अब देखने वाली बात यह है कि इस कड़ाके की सर्दी में खुले आसमान के नीचे इन किसानों की हालात बिगड़ जाएगी तो इनका जिम्मेदार कौन होगा.