IT एक्सपर्ट्स से जानिए ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के तरीके, सुरक्षित रहेंगे आपके पैसे

ठगों ने शांति लाल को बिजली के बिल में कैश बैक देने की बात कहकर सवा 2 लाख का चूना लगा दिया.

IT एक्सपर्ट्स से जानिए ऑनलाइन फ्रॉड से बचने के तरीके, सुरक्षित रहेंगे आपके पैसे
प्रतीकात्मक तस्वीर.

अशोक सिंह, अजमेर: ऑनलाइन लेन-देन जनता के लिए एक खरीदारी करने का या पैसे भेजने या मंगाने का एक सुगम माध्यम साबित हो रहा है. इसके साथ ही ऑनलाइन ठगी के मामलों में उसी तरह से इजाफा हो रहा है. पुलिस लोगों को ठगी से बचाने के लिए जागरुकता अभियान चलाती रही है. लोग ठगी का शिकार होते रहते हैं. इसलिए ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करते समय खास सावधानी बरतने की जरूरत है.

ऑनलाइन ठगी का ऐसा ही मामला शहर के गंज थाना क्षेत्र के रहने वाले एक शख्स के साथ देखने को मिला. ठगों ने शांति लाल को बिजली के बिल में कैश बैक देने की बात कहकर सवा 2 लाख का चूना लगा दिया.

आईटी एक्सपर्ट रोहित का मानना है कि ऑनलाइन फ्रॉड के लिए व्यक्ति खुद ज्यादा जिम्मेदार है क्योंकि वह कई बार अपनी ही लापरवाही का भुगतान करते हैं. एक्सपर्ट का कहना ये भी है कि इन दिनों ऑनलाइन लिंक भेजकर कई तरह के लालच दिए जाते हैं. लोग उन लिंक पर क्लिक कर अपनी तमाम गुप्त जानकारियां दूसरों को दे बैठते हैं. इस वजह से उनके अकाउंट पैसे की निकासी हो जाती है. ऑनलाइन ट्रांजैक्शन और अन्य गतिविधि से पहले अपनी सुरक्षा करनी होगी, ताकि उनकी गाढ़ी कमाई सुरक्षित रह सके.

आईटी एक्सपर्ट रोहित ये भी कहते हैं कि ऑनलाइन फ्रॉड के बढ़ते मामलों को लेकर पुलिस भी अपनी ओर से लोगों को जागरूक करने के साथ ही लगातार सावधानी बरतने की अपील करती रहती है. अजमेर एसपी कुंवर राष्ट्रदीप का कहना है कि बढ़ती टेक्नोलॉज़ी और डिजिटल ट्रांजैक्शन की वजह से तकनीकी जानकार बेपरवाह लोगों को शिकार बना रहे हैं, व्यक्ति को अपनी तमाम बैंक संबंधी जानकारियां किसी से भी साझा नहीं करनी चाहिए.

क्या है अजमेर के एसपी का कहना
ऑनलाइन ठगी रोकने के लिए साइबर सेल को और संसाधन जुटाने की जरूरत है. जानकारी के अभाव में लोग ठगी का शिकार हो जाते हैं, ये भी देखने को मिला है. लेकिन रोजाना सामने आने वाले ऐसे मामले ये तो साबित करते हैं, कि ऐसे ठग पुलिस से कई कदम आगे चल रहे हैं. अक्सर देखने को मिला है कि त्योहारी सीजन में ऐसे ठग ज्यादा सक्रिय हो जाते हैं. खासकर इसबार कोरोना काल में लोगों का रुझान ऑनलाइन शॉपिंग की तरफ ज्यादा बढ़ा है, ऐसे में किसी तरह के ऑनलाइन फ्रॉड का हिस्सा आप न बन जाएं इसके लिए जरूरी है आपकी सतर्कता.

ऑनलाइन फ्रॉड से कैसे बच सकते हैं?

  • किसी को भी अपना डेबिट/क्रेडिट कार्ड का 16 अंकों वाला नंबर न बताएं.
  • डेबिट/क्रेडिट कार्ड का CVV नंबर किसी से न बताएं.
  • डेबिट/क्रेडिट से जुड़ा पिन नंबर किसी से साझा मत कीजिए.
  • अपनी UPI आईडी या UPI पिन किसी से साझा मत कीजिए.
  • आपके रजिस्टर्ड नंबर पर आए OTP को किसी से साझा मत कीजिए.
  • बिना वेरिफाई किए किसी ऑफर के लिंक को एक्सेस मत कीजिए.
  • फोन पर आने वाली फर्जी कॉल्स से अलर्ट रहें.
  • बैंक की तरफ से कार्ड ब्लॉक होने, रिप्लेस होने या रिन्यू होने जैसी कोई कॉल्स उपभोक्ता को नहीं की जाती हैं.
  • अपने मोबाइल में इन्सटॉल्ड बैंकिंग एप्लीकेशन को इस्तेमाल करके तुरंत बंद कर दें.
  • कुल मिलाकर यही कहा जा सकता है कि सतर्कता ही ऐसे फ्रॉड से बचाने वाली सबसे पहली और सबसे मजबूत सुरक्षा दीवार है.