कोटा: केंद्र सरकार की ओर से महिला सांसदों का दल पहुंचा JK लोन अस्पताल, फिर...

राजस्थान के जेके लोन अस्पताल में बच्चों की मौत के मामले में राजनीति थमने का नाम ही नहीं ले रही है. मंगलवार को बीजेपी के कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के निर्देश पर 3 सदस्य बीजेपी की महिला सांसदों की कमेटी आज कोटा पहुंची. जिसमें दौसा से सांसद जसकोर मीणा, राज्यसभा सांसद कांता कर्दम और पश्चिम बंगाल से सांसद लॉकेट चटर्जी शामिल थी.

कोटा: केंद्र सरकार की ओर से महिला सांसदों का दल पहुंचा JK लोन अस्पताल, फिर...
महिला सांसदों ने इस पूरी घटना के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार बताया है.

कोटा: राजस्थान के जेके लोन अस्पताल में बच्चों की मौत के मामले में राजनीति थमने का नाम ही नहीं ले रही है. मंगलवार को बीजेपी के कार्यवाहक राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के निर्देश पर 3 सदस्य बीजेपी की महिला सांसदों की कमेटी आज कोटा पहुंची. जिसमें दौसा से सांसद जसकोर मीणा, राज्यसभा सांसद कांता कर्दम और पश्चिम बंगाल से सांसद लॉकेट चटर्जी शामिल थी.

अस्पताल का दौरा करने के बाद साफ तौर पर इस पूरी घटना के लिए राज्य सरकार को जिम्मेदार बताया है. साथ ही, प्रशासनिक लापरवाही के बाद भी इस टीम ने कई है. बीजेपी की महिला सांसदों की टीम ने मीडिया से बातचीत की जिसमें साफ तौर पर उन्होंने कह दिया है कि इस कमेटी ने मीडिया से बातचीत करते हुए कहा कि बीजेपी इस मुद्दे पर राजनीति करने नहीं आई है. 

साथ ही टीम ने कहा, बच्चे किसके शासन में ज्यादा मरे या कम ये विषय नहीं है, लेकिन अभी भी बच्चे मर रहे हैं. अस्पताल  में स्टाफ और चिकित्सकों का व्यवहार बहुत गंदा है. यह जानकारी हमें अस्पताल में भर्ती मरीजों के परिजन से मिली है. हाल ही में कोटा का यह अस्पताल काफी सुर्खियों में रहा है. क्योंकि यहां अकेले दिसंबर महीने में ही 77 बच्चों की मौत हो गई, जबकि पिछले हफ्ते 48 घंटों के अंदर यहां 10 बच्चों ने अपनी जान गंवा दी.

वहीं, अस्पताल  के सूत्रों ने पुष्टि की कि यहां आवश्यक और जीवन रक्षक श्रेणियों में आने वाले 60 फीसदी से अधिक उपकरण काम नहीं कर रहे हैं. लापरवाही व उदासीनता की इतनी हद है कि अस्पताल प्रबंधन का कोई भी अधिकारी इस बात पर ध्यान नहीं देता कि कुछ उपकरणों को फिर से ठीक किया जा सकता है. कुछ धूल फांक रहे उपकरण तो ऐसे भी हैं, जिन्हें महज दो रुपये की कीमत के एक तार के छोटे से टुकड़े की मदद से फिर से चलाया जा सकता है.

नतीजतन कई नेबुलाइजर, वार्मर और वेंटिलेटर काम नहीं कर रहे हैं. संबंधित अधिकारियों ने मामले की सूचना दी है, लेकिन कोई फायदा नहीं हुआ. साथ ही अस्पताल  में संक्रमण की जांच के लिए एकत्रित 14 नमूनों की परीक्षण रिपोर्ट सकारात्मक (पॉजीटिव) आई है. ये परीक्षण बैक्टीरिया के प्रसार का आकलन करने में मदद करते हैं. इस रिपोर्ट को अधिकारियों को सौंपे जाने के बावजूद, बड़ी संख्या में बैक्टीरिया के प्रसार को साबित होने पर भी कोई कार्रवाई नहीं की गई.