जैसलमर: टिड्डियों के हमले से लाखों की फसल बर्बाद, किसानों ने अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप

मई माह में टिड्डियों ने जैसलमेर में किसानों की फसलों पर हमला करना शुरू किया और 7 माह बीत जाने के बाद भी केन्द्र व राज्य सरकार टिड्डियों पर नियंत्रण नहीं कर पाई है. 

जैसलमर: टिड्डियों के हमले से लाखों की फसल बर्बाद, किसानों ने अधिकारियों पर लगाए गंभीर आरोप
गांवों में टिड्डी दलों ने धावा बोल रखा है

जैसलमेर: मई माह में टिड्डियों ने जैसलमेर में किसानों की फसलों पर हमला करना शुरू किया और 7 माह बीत जाने के बाद भी केन्द्र व राज्य सरकार टिड्डियों पर नियंत्रण नहीं कर पाई है. किसानों की लाखाें रुपए की फसलें चौपट हो गई हैं. जैसलमेर में तैनात अधिकारी की लापरवाही व उदासीनता से किसान परेशान हैं. किसानों का कहना है कि कई बार टीमें समय पर नहीं पहुंची तो कई बार अधिकारियों ने फोन नहीं उठाए.

गौरतलब है कि टिड्डी नियंत्रण दल के अधिकारियों ने कहा था कि सर्दी के मौसम में टिड्डियां नहीं आएगी लेकिन ऐसा नहीं हुआ. वर्तमान में जैसलमेर जिले के 50 से अधिक गांवों में टिड्डी दलों ने धावा बोल रखा है. रोजाना शाम होते ही टिडि्डयां खेतों पर पहुंच जाती हैं और दिन होते ही वापस उड़ जाती हैं. जिले के कई किसान शहर स्थित टिड्डी नियंत्रण विभाग के कार्यालय पहुंचे और वहां मौजूद प्रभारी राजेश कुमार के पैरों में गिरकर फसलों को बचाने की गुहार लगाई.

किसानों का दर्द है कि दर्जनों बार फोन करके सूचना देने के बाद भी टीमें उनके वहां नहीं पहुंच रही है और टिड्डी दलों की समस्या से राहत मिलती नजर नहीं आ रही है. खेतों में खड़ी लाखों रुपए की फसलें चौपट होती जा रही हैं. किसानों ने यह भी आरोप लगाया कि टिड्डी दलों पर नियंत्रण करने के लिए टीम सुबह जल्दी रवाना होनी चाहिए लेकिन यहां पर ऐसा नहीं होता है. सुबह 10 बजे टीमें रवाना की जाती है तब तक टिड्डी दल उड़ जाते हैं. इसी वजह से जैसलमेर में नियंत्रण नहीं हो पाया है.

किसानों ने फलोदी से जैसलमेर लगाए अधिकारी पवन कुमार पर गंभीर आरोप लगाए हैं. किसानों का कहना है कि उन्हें यहां फील्ड ड्यूटी पर लगाया गया था, लेकिन वे मौके पर पहुंचे ही नहीं और दो तीन दिन सम के किसी रिसोर्ट में ठहरकर वापस लौट गए. इस संबंध में स्थानीय अधिकारी के पास कोई जवाब नहीं था. जब किसान विभाग के कार्यालय पहुंचे तो वहां पर 6 गाड़ियां खड़ी थी. जब अधिकारी से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि आज कुछ एक जगह से ही टिड्डी दल की सूचना थी इसलिए दो गाड़ियां ही भेजी हैं. जब किसानों ने वहां खड़ी गाड़ियों के चालक व टीमों के बारे में जानकारी लेनी चाहिए तो अधिकारी संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए. वहीं वहां मौजूद अन्य कर्मचारियों ने किसानों को बताया कि 6 गाड़ियां तो खराब हैं. केवल दो गाड़ियां ही चल रही हैं.

प्रभारी अधिकारी राजेश कुमार ने बताया कि उन्होंने मई माह से अब तक जैसलमेर में 1.77 लाख हेक्टेयर पर नियंत्रण की कार्रवाई की है. जबकि धरातल पर यह स्थिति है कि किसानों की फसलें बचाने में यह विभाग पूरी तरह से नाकाम रहा. जब भी मौके पर टीम पहुंची तो वहां से टिड्डी दल उड़ गया और पीछे जाकर छिड़काव कर दिया, जिससे किसी भी तरह का फायदा नहीं मिला. 

उन्होंने कहा कि नियंत्रण की कार्रवाई चल रही है. हमारे पास 8 गाड़ियां हैं, एक भी गाड़ी खराब नहीं है. फिलहाल दो तीन गाड़ियां व टीमें और बढ़ाई जा रही हैं. रही बात टीमें जल्दी भेजने की तो, हमेशा से ही टीमें सुबह जल्दी रवाना की जाती हैं. फलोदी के अधिकारी पवन कुमार को दो-तीन दिन के लिए लगाया गया था वे अपनी ड्यूटी करके चले गए हैं. 

वहीं जिले में टिड्डी हमले से हुए खराबे को लेकर पोकरण विधानसभा से विधायक और प्रदेश सरकार में कैबिनेट मंत्री सालेह मोहम्मद ने कहा कि उन्होंने सार्वजनिक रूप से स्वीकारा है कि जैसलमेर के किसानों का इससे भारी संख्या में नुकसान हुआ है और उन्होंने कैबिनेट में भी इस बात को रखा था. मंत्री ने कहा कि वे जल्द ही मुख्यमंत्री से मिलकर टिड्डी हमलों से किसानों को हुए नुकसान की भरपाई के लिए मांग करेंगे.