100 करोड़ से ज्यादा की असामी निकला घूसखोर SME, बेशुमार दौलत देख उड़ जाएंगे होश

एसीबी को पन्नालाल की कई खानों में पार्टनरशिप होने की सूचना भी मिली है, जिनकी जांच में भी अब एसीबी जुटी हुई है. इतनी अकूत दौलत और अवैध निवेश को देखकर एसीबी के भी इस तेज सर्दी में पसीने छूट गए.

100 करोड़ से ज्यादा की असामी निकला घूसखोर SME, बेशुमार दौलत देख उड़ जाएंगे होश
पलंग, अलमारी, गद्दे, कपड़ों में नोटों के बंडल छुपा कर रखे हुए थे.

कोटा: जिले के खान विभाग का 'पन्ना' लाल 100 करोड़ से ज्यादा का आसामी निकला है. बेशुमार दौलत ऐसी की हर कोई सन्न रह जाए. घूसखोर SME पन्नालाल मीणा को ट्रैप करने के बाद जब एसीबी ने पन्नालाल के घर की तलाशी ली तो मानो कुबेर का खजाना ही सामने आ गया.

हर तरह नोटों के बंडल दिखाई दिए. पलंग, अलमारी, गद्दे, कपड़ों में नोटों के बंडल छुपा कर रखे हुए थे. सिर्फ इतना ही नहीं, पन्नालाल के पास लगभग 100 करोड़ की प्रॉपर्टी मिली है. 

गैस एजेंसी, मोती मार्बल, कृष्णा स्वीट्स, कृष्णा डेयरी, मोती इम्पेक्स के नाम से पत्थर की फैक्ट्री, खड़ीपुर में सैंडस्टोन की खान और क्रशर भी मिला है. अकेले इस क्रशर का टर्न ओवर 50 करोड़ सालाना बताया जा रहा है.

संपत्तियां जो हैरान कर देंगी
1. प्लॉट नंबर A-89
इलाका - आरकेपुरम
साइज- 55 गुना 88 वर्ग फ़ीट
कीमत- 3 करोड़ 87लाख

2. प्लॉट नंबर- 90
इलाका - आरकेपुरम
साइज- 40गुना88
कीमत- 2 करोड़ 81 लाख

3. फर्म मोती मार्बल
टर्न ओवर- 10 करोड़ सालाना

4. कृष्णा डेयरी
टर्नओवर - 30 लाख सालाना

5. कृष्णा स्वीट्स
टर्न ओवर- 60 लाख सालाना

6. गैस एजेंसी रावतभाटा में 
टर्नओवर- 10 करोड़ सालाना

7. प्लॉट नंबर- 139
स्थान:-विवेकानंद नगर
साइज- 30 गुना 70
कीमत:- 1 करोड़ 47 लाख

8. प्लॉट नंबर- 153
स्थान- विवेकानंद नगर
साइज:- 30 गुना 70
कीमत - 1 करोड़ 47लाख

9. कृषि भूमि
स्थान:- रावतभाटा
साइज:- 4 बीघा
कीमत:- 4 करोड़ रुपये

10:- अन्य कृषि भूमि
स्थान:- बिजोलिया
साइज:- 17 बीघा
कीमत:- 17 करोड़ रुपये

11. प्लॉट नंबर:- 154
स्थान:- विवेकानंद नगर
(9 पॉलिस्टर गाय, 6 गिर गाय, 18 भैंसे)
कीमत:- 44 लाख रुपये

12:- मोती इम्पेक्स
स्थान:- खड़ीपुर
पत्थर की फैक्ट्री, सैंडस्टोन की खान और क्रशर
टर्नओवर:- 50 करोड़ सालाना 

इसके अलावा एसीबी को पन्नालाल की कई खानों में पार्टनरशिप होने की सूचना भी मिली है, जिनकी जांच में भी अब एसीबी जुटी हुई है. इतनी अकूत दौलत और अवैध निवेश को देखकर एसीबी के भी इस तेज सर्दी में पसीने छूट गए.
अब जरा सोचिए कि खान विभाग का एक "पन्ना" जब 100 करोड़ का है तो ऐसे कितने अनगिनत अनपढ़े "पन्ने" खान विभाग में चल रही भ्रष्टाचार की खानों से निकल सकते हैं.