Rajasthan: लिव-इन में रहने को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट का बड़ा आदेश, पहले पोर्टल पर करना होगा रजिस्ट्रेशन

Published: Jan 30, 2025, 07:54 AM|Updated: Jan 30, 2025, 07:54 AM

Rajasthan Live in Couples:   राजस्थान उच्च न्यायालय की एकल पीठ ने राज्य सरकार को निर्देश दिया है कि वह सहजीवन यानी 'लिव-इन' संबंधों को पंजीकृत करने के लिए एक पोर्टल शुरू करे. यह निर्णय कई 'लिव-इन' जोड़ों की याचिकाओं पर सुनवाई के बाद आया है, जिन्होंने सुरक्षा की मांग की थी. पीठ ने कहा कि कई जोड़े 'लिव-इन' संबंध में रह रहे हैं और अपने इस रिश्ते को स्वीकार नहीं किए जाने के कारण उन्हें अपने परिवारों तथा समाज के अन्य लोगों से खतरा है. इसलिए, वे रिट याचिका दायर करके अदालतों का दरवाजा खटखटा रहे हैं और अपने जीवन और स्वतंत्रता की सुरक्षा के लिए अनुरोध कर रहे हैं.

 

Rajasthan High Court: अदालत ने एक महत्वपूर्ण टिप्पणी में कहा कि लिव-इन रिश्तों में रहने वाली महिलाओं की स्थिति पत्नी जैसी नहीं होती है. अदालत ने कहा कि ऐसे रिश्ते में रहने का विचार अनोखा और आकर्षक लग सकता है, लेकिन वास्तव में इससे उत्पन्न होने वाली समस्याएं कई हैं और चुनौतीपूर्ण भी हैं. अदालत ने आगे कहा कि लिव-इन रिश्तों में महिलाओं को सामाजिक स्वीकृति या पवित्रता का अभाव होता है, जो उनके लिए एक बड़ी चुनौती है.