Travel story: प्राकृतिक सौंदर्य से लेकर अद्भुत कला प्रदर्शन तक आपको सब प्रशंसनीय स्थल राजस्थान में देखने को मिलेंगे. अलवर, पाली, चित्तौड़गढ़ व हनुमानगढ़ राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं. इन पर्यटन स्थल के नाम जानकर आप खुद को यहां आने से रोक नहीं पाऐंगे.
Travel story: प्राकृतिक सौंदर्य से लेकर अद्भुत कला प्रदर्शन तक आपको सब प्रशंसनीय स्थल राजस्थान में देखने को मिलेंगे. अलवर, पाली, चित्तौड़गढ़ व हनुमानगढ़ राजस्थान के प्रमुख पर्यटन स्थल हैं. इन पर्यटन स्थल के नाम जानकर आप खुद को यहां आने से रोक नहीं पाऐंगे.
1/6झालावाड़ राजस्थान के दक्षिणपूर्व में एक आश्चर्यजनक शहर है. यह अभी भी भारत में पूर्व रियासत झालावाड़ की राजधानी के रूप में अपने गौरवशाली अतीत के निशान बरकरार रखता है और अब यह इसी नाम वाले जिले का मुख्यालय है. झालावाड़ राजस्थान और मध्य प्रदेश की सीमा पर स्थित है. इस शहर की यात्रा से आपको पृथ्वी पैलेस और वीरेंद्र भवन जैसे विभिन्न शाही महलों को देखने का मौका मिलेगा.
2/6झुंझुनू एक शहर और राजस्थान के जिले का केंद्र भी है. यह शहर कई भव्य भित्ति चित्रों और भव्य महलों का घर है. झुंझुनू राजस्थान में घूमने लायक ऑफबीट जगहों में से एक है. श्री रानी सती दादी मंदिर, खेतड़ी महल, बंधे का बालाजी मंदिर, हनुमान मंदिर झुंझुनू के कुछ दर्शनीय स्थान हैं. जहां पर्यटक घूमने आते हैं.
3/6हनुमानगढ़ घग्गर नदी के तट पर स्थित राजस्थान के उत्तरी क्षेत्र में एक प्राचीन शहर है. सन 1951 में शहर और इस नदी के आसपास फैले 100 से अधिक गांवों में सिंधु घाटी सभ्यता के अवशेष पाए गए. जिसके कारण माना जाता है कि हनुमानगढ़ लगभग 5000 साल पुरानी सभ्यता का हिस्सा था. खोजी गई विभिन्न वस्तुओं में मानव कंकाल के अवशेष, टिकटें, सिक्कें, अज्ञात लिपियां, गहनें, टेराकोटा सजावटी टाइलें, बर्तन, कुएं, खिलौने, मूर्तियां यहां तक कि किले और बाज़ार की सड़कें शामिल हैं.
4/6भारतीय इतिहास के सबसे प्राचीन शहरों में से एक चित्तौड़गढ़ की स्थापना 734 ई. में मौर्य राजवंश द्वारा की गई थी. यह शहर महाराणा प्रताप और मीरा बाई सहित कई ऐतिहासिक शख्सियतों का जन्मस्थान भी रहा है. यह बेराच नदी के तट पर स्थित है और इसमें कई विरासत किले, स्मारक और संबंधित कहानियां और दंतकथाएं हैं.
5/6पाली का घोंघा जैसा आकार यात्रियों को अपने तरफ सबसे अधिक आकर्षित करती है. टेढ़े-मेढ़े मैदान और बिखरी हुई पहाड़ियों के साथ ही राजस्थान के कई प्रसिद्ध मंदिर है. उत्तर में जोधपुर जिला और दक्षिण-पूर्व में उदयपुर जिलों से घिरा यह राजस्थान के लगभग 8 अलग-अलग जिलों के साथ एक आम सीमा साझा करता है.
6/6अलवर को पूर्व में उलवर के नाम से जाना जाता था. अलवर शहर की स्थापना राजपूत शासक प्रताप सिंह ने सन 1770 में की थी. इतिहास प्रेमियों के लिए यह शहर ईस्ट इंडिया कंपनी के साथ संधि पर हस्ताक्षर करने वाला पहला शहर था और लड़ाईयां और सैन्य गतिविधियों के विभिन्न में भाग लेने के लिए प्रसिद्ध रहा है. अलवर को भानगढ़ के ‘प्रेतवाधित’ किले के लिए भी जाना जाता है.