यहां 50 रुपए प्रति किलो बिक रहा आलू अब 20 में, हरी सब्जियां भी सस्ती

राजस्थान में नए आलू की मंडी (Potatoes) आवक शुरू होते ही कीमतों में जबरदस्त गिरावट है. आलू कीमतों में दिसंबर महिने में 70 प्रतिशत तक की गिरावट आई है.

यहां 50 रुपए प्रति किलो बिक रहा आलू अब 20 में, हरी सब्जियां भी सस्ती
प्रतीकात्मक तस्वीर

जयपुर: राजस्थान में नए आलू की मंडी (Potatoes) आवक शुरू होते ही कीमतों में जबरदस्त गिरावट है. आलू कीमतों में दिसंबर महिने में 70 प्रतिशत तक की गिरावट आई है. खुदरा में पचास रुपए प्रति किलो बिक रहा आलू का थोक भाव टूटकर दस से बारह रुपए प्रति किलो पर आ गया. नवंबर अंत में आलू का खुदरा भाव 45 से 50 रुपए किलो था, वहीं अब 20 रुपए प्रति किलो बिक रहा है. मंडी के कारोबारियों ने बताया कि इस समय आलू की आवक ज्यादातर पंजाब और हिमाचल प्रदेश से हो रही है. राजस्थान के भी कुछ इलाकों से आवक शुरू हुई है.

नवंबर महिने तक आलू और प्याज उपभोक्ताओं (Onion) का दम निकाले हुए थे. खपत और कीमतें दोनों तेजी पर थी. हालात यह रहे की केंद्र सरकार ने आलू के दाम को नियंत्रण में रखने के लिए केंद्र सरकार ने अक्टूबर में 10 फीसदी आयात शुल्क पर 10 लाख टन आलू आयात करने की अनुमति देने का फैसला लिया, जबकि आलू पर आयात शुल्क 30 फीसदी है, लेकिन दिसंबर महिना राहत लेकर आया है. कीमतों में अब तेजी से गिरावट है. आलू थोक में 10 से 12 रुपए और खुदरा में 20 रुपए प्रति किलो के स्तर पर है. मंडी कारोबारी जगदीश सैनी का कहना है कि आलू कीमतों में रिकॉर्ड गिरावट आई है. इसकी वजह है नए आलू की आवक में इजाफा. कीमतों में गिरावट का दौर अभी जारी रहेगा। आने वाले दिनों में दस रूपए प्रति किलो के स्तर पर आलू के खुदरा भाव होंगे.

आलू के साथ ही प्याज और सीजनेबल सब्जी (Green Vegetables) कीमतों में भी गिरावट है. झालावाड़, अलवर, एमपी से नए प्याज की आवक शुरू हो चुकी है. जनवरी में महाराष्ट्र और गुजरात से भी नए प्याज की आवक शुरू हो जाएगी, जिससे अब प्याज के दामों में तेजी का दौर खत्म हो गया है. गाजर, मटर, गोभी और हरी सब्जियों में रिकॉर्ड गिरावट है. ठंड बढ़ने से तैयार फसल की आवक मंडियों में ओर तेज होगी. जिससे कीमतों में कमी आएगी.

कोरोना संक्रमण के चलते बाजार, मंडी और रेस्टोंरेंट बंद होने का समय आठ बजे होने से डिमांड कम है. इस वजह से भी कीमतों में गिरावट है. सब्जी की बिजाई भी कीमतें अधिक होने से इस सीजन में बेहतर है, ऐसे में माना जा रहा है कि अगर मौसम ठीक रहा तो कीमतों में इजाफा जनवरी मध्य तक नहीं होगा.

ये भी पढ़ें: 11 लाख बेरोजगारों को मिली बड़ी सौगात, REET अध्यापक पात्रता परीक्षा हुई घोषणा