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राजस्थान में कमजोर मानसून के कारण बढ़े सब्जियों के दाम

बाड़मेर जिले में इन दिनों मानसून की बेरुखी के बाद सब्जी के भाव आसमान छू रहे हैं. आलम यह है कि आम आदमी और मध्य वर्ग के परिवार के लिए सब्जी खरीदना मुश्किल हो गया है. 

राजस्थान में कमजोर मानसून के कारण बढ़े सब्जियों के दाम
अगर अगले कुछ दिनों में बारिश नहीं हुई तो यह भाव इससे भी बढ़ सकते हैं.

भूपेश आचार्य/बाड़मेर: पश्चिमी राजस्थान के रेगिस्तान में सावन आने के बाद भी मानसून के कोई समाचार नहीं है जिसके चलते सब्जियों के भाव आसमान छूने लगे हैं. आलम यह कि जो प्याज काटने के दौरान रुलाता था वह अब खरीदने से पहले ही रुलाने लगा है. जो प्याज 10 रू किलो मिल रहा था वह प्याज पिछले 10 दिनों से 25 से 30 रु किलो मिल रहा है. जिसके बाद अब रसोई लड़खड़ाने लगी है. 

बाड़मेर जिले में इन दिनों मानसून की बेरुखी के बाद सब्जी के भाव आसमान छू रहे हैं. आलम यह है कि आम आदमी और मध्य वर्ग के परिवार के लिए सब्जी खरीदना मुश्किल हो गया है. जो प्याज 15 रु किलो मिलते थे वह अब 35 किलो मिल रहे थे. 30 रु प्रति किलो टमाटर 10 दिन पहले मिल रहे थे. वह अब 60 से 70 पर हो गए हैं इस तरीके से सब्जियों के भाव में 50 से लेकर 100 फीसदी तक का इजाफा हो गया है.

सब्जी बेचने वाले का कहना है कि जिस तरीके से राजस्थान के रेगिस्तान में बारिश नहीं हो रही है. जिसके चलते सब्जियों की आवक कम हो गई है. वहीं आसपास के इलाकों में भी बारिश के कोई समाचार नहीं है जिसके चलते भाव दिन प्रतिदिन बढ़ते जा रहे हैं.

अगर अगले कुछ दिनों में बारिश नहीं हुई तो यह भाव इससे भी ज्यादा दुगने हो सकते हैं. जो तूरी 10 दिन पहले 50 रूपए किलो मिल रही थी वह 100 रूपए किलो हो गई है. वहीं दूसरी तरफ धनिए के भाव 100 रूपए किलो से बढ़कर 400 रूपए किलो हो गए हैं. इसी तरीके से अन्य सभी सब्जियों में भारी इजाफा हुआ है. इसके चलते आम आदमी का बजट बिगड़ गया है. अब लोग यह दुआ कर रहे हैं कि समय पर बारिश हो जाए अन्यथा उनका पूरा बजट बिगड़ जाएगा.