राजस्थानः कांग्रेस के उम्मीदवारों का चयन जल्द, दिल्ली में लिया जाएगा अंतिम फैसला

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और अविनाश पांडे सूची को अंतिम रूप दे कर 12 फरवरी को दिल्ली में होने वाली स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में रिपोर्ट कार्ड रखेंगे

राजस्थानः कांग्रेस के उम्मीदवारों का चयन जल्द, दिल्ली में लिया जाएगा अंतिम फैसला
लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के समय से पहले तैयारी शुरू कर दी है

राजस्थान: लोकसभा चुनाव के प्रत्याशियों के चयन के मकसद से प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में प्रदेश इलेक्शन कमेटी की मैराथन बैठक हुई. साढ़े 4 घंटे चली बैठक में मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, सचिन पायलट और अविनाश पांडे सहित पीईसी के सदस्यों ने प्रत्याशियों के चयन को लेकर गहन मंथन किया. लेकिन आखिरकार किसी एक फार्मूले पर पहुंचने की बजाय चयन का जिम्मा राहुल गांधी पर छोड़ दिया गया. बैठक में इस बात पर जरूर जोर दिया गया कि विधानसभा चुनाव की तरह पैराशूट उम्मीदवार को टिकट नहीं दिया जाए, पार्टी का फोकस जिताऊ चेहरों पर रहेगा.

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के मकसद से राजस्थान की 25 सीटों पर फतह हासिल करने की तैयारी में जुटी कांग्रेस पार्टी के सत्ता और संगठन के बड़े चेहरे आज प्रत्याशियों के चयन के मकसद से प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में जुटे. प्रदेश इलेक्शन कमेटी की इस बैठक में करीब साढ़े 4 घंटे तक गहन मंथन हुआ. राजस्थान की 25 लोकसभा सीटों पर जातीय समीकरणों से लेकर प्रत्याशियों के चयन के फार्मूले पर सुझाव मांगे गए. लेकिन अंततः किसी एक निर्णय पर पहुंचने की बजाय प्रत्याशियों के चयन का जिम्मा पूरी तरह से पार्टी आलाकमान पर छोड़ दिया गया. 

बैठक में शामिल सभी सदस्यों से कहा गया कि आप 25 सीटों को लेकर अपने नाम 8 फरवरी तक सौंप दीजिए. प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और अविनाश पांडे सूची को अंतिम रूप दे कर 12 फरवरी को दिल्ली में होने वाली स्क्रीनिंग कमेटी की बैठक में रिपोर्ट कार्ड रखेंगे. वहां से सिंगल नाम के पैनल तैयार कर सीईसी में भेजे जाएंगे. बैठक में स्थानीय और जिताऊ चेहरे को टिकट देने की वकालत की गई.

बैठक के बाद मीडिया को संबोधित करते हुए प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष सचिन पायलट ने कहा कि लोकसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस के समय से पहले तैयारी शुरू कर दी है. सरकार के सकारात्मक कामकाज और जन घोषणा पत्र को लागू करने से जनता के बीच कांग्रेस को लेकर पॉजिटिव मैसेज है. लोकसभा चुनाव से पहले प्रत्याशियों के चयन के साथ साथ जनसंपर्क अभियान भी व्यापक स्तर पर चलाने की तैयारी की जा रही है. इसके लिए आगामी ग्यारह बारह फरवरी को जयपुर में प्रशिक्षण शिविर आयोजित किए जाएंगे और उसके बाद प्रदेश की सभी 200 विधानसभा सीटों पर ट्रेनिंग कैंप लगेंगे इन कैंप में सत्ता और संगठन के सभी बड़े नेता शामिल होंगे.

बैठक में शामिल नेताओं के कई मुद्दों को लेकर असहमति भी नजर आई. नमो नारायण मीणा के युवा कार्यकर्ताओं को जमीनी तौर पर सक्रियता से काम करने का सुझाव दिया तो पवन गोदारा ने कहा युवा कार्यकर्ताओं की बदौलत ही आज पार्टी सत्ता में है. बैठक में चिकित्सा मंत्री रघु शर्मा ने कहा पार्टी के वरिष्ठ नेताओं को अलग-अलग लोकसभा सीट की जिम्मेदारी दी जानी चाहिए उन्होंने पीसीसी चंद्रभान की वरिष्ठता का उदाहरण देते हुए कहा तो इस पर नमो नारायण मीणा ने कहा कि इसका मतलब पार्टी वरिष्ठ नेताओं को टिकट नहीं देगी. नमो नारायण मीणा बैठक में ही टोंक सवाई माधोपुर सीट से अपनी लोकसभा चुनाव में टिकट की दावेदारी जता दी.

कुल मिलाकर आज की इस बैठक से साफ हो गया किस बार विधानसभा चुनाव की तरह गुटबाजी और झगड़े से बचने के लिए प्रत्याशियों के चयन की पूरी कवायद दिल्ली में होगी.  देखना होगा क्या कांग्रेस जिस तरीके से प्रत्याशियों के चयन में पारदर्शिता और योग्यता के आधार पर दावा करती रही है राजस्थान के स्पेशल 25 के चयन में जमीनी तौर पर काम करने वाले कार्यकर्ता को कितनी तवज्जो मिल पाती है.