राजस्थान: बिजली विभाग की नई पहल, 2 घंटे में होगा लोगों की शिकायतों का समाधान

अजमेर डिस्कॉम के एमडी वीएस भाटी ने बताया कि यदि यह प्रयोग सफल होता है तो हर जोन और हर सर्किल पर आदर्श सब डिवीजन बनाए जाएंगे.

राजस्थान: बिजली विभाग की नई पहल, 2 घंटे में होगा लोगों की शिकायतों का समाधान
यह काम 26 जनवरी से पहले पूरा होगा.

संदीप केडिया/झुंझुनूं: बिजली उपभोक्ताओं को शिकायत होती है कि या तो उन्हें कनेक्शन नहीं मिलता, कनेक्शन मिल जाता है तो उनकी शिकायतें नहीं सुनीं जाती और शिकायत भी सुन ली जाती है तो उनके साथ बिजली कर्मचारियों और अधिकारियों का व्यवहार ठीक नहीं होता. लेकिन अब इन सभी शिकायतों को दूर करने का मन अजमेर डिस्कॉम ने बना लिया है. उन्होंने प्रदेश में पहले आदर्श सब डिवीजन का चयन कर उस पर काम शुरू कर दिया है. आने वाले एक महीने में इस पर काम भी हो जाएगा.

झुंझुनूं का मंडावा सब डिवीजन प्रदेश का पहला आदर्श सब डिवीजन होगा. जिसमें बिजली उपभोक्ताओं को कोई भी शिकायत ना तो डिस्कॉम से होगी और ना ही डिस्कॉम को उपभोक्ताओं से. यानि कि हाथों हाथ कनेक्शन, दो घंटे में शिकायत का समाधान, बिना ट्रिपिंग की बिजली, बिजली चोरी बिल्कुल नहीं, बकाया वसूली भी जीरो. जी, हां यह काम हाथ में लिया है डिस्कॉम के एमडी वीएस भाटी ने. जिन्होंने 10 बिंदुओं को तय कर मंडावा सब डिवीजन को प्रदेश का पहला आदर्श सब डिवीजन बनाने का फैसला लिया है. यह काम 26 जनवरी से पहले पूरा होगा.

अजमेर डिस्कॉम के एमडी वीएस भाटी ने बताया कि यदि यह प्रयोग सफल होता है तो हर जोन और हर सर्किल पर आदर्श सब डिवीजन बनाए जाएंगे. जिसमें छीजत को पांच प्रतिशत तक लाना है, जो तकनीकी रूप से सही है. इसके अलावा उपभोक्ताओं की उम्मीद पर डिस्कॉम के अधिकारी और कर्मचारी खरा उतरे. यह भी टारगेट रहेगा.

एमडी वीएस भाटी ने बताया कि अजमेर डिस्कॉम ने मंडावा का चयन इसलिए भी किया है, क्योंकि यह डिवीजन पहले से ही काफी बेहतर है. इसलिए इसे और बेहतर बनाने के लिए ज्यादा कोशिश नहीं करनी. वहीं, जब यह आदर्श बन जाएगा तो पूरे प्रदेश के लिए एक आदर्श रहेगा और अन्य अधिकारी और कर्मचारियों को भी मोटिवेशन मिलेगा. साथ ही, उन्होंने स्वीकारा कि बिजली चोरी रोकने में राजनैतिक सहयोग भी जरूरी होता है. इसके लिए मंडावा विधायक रीटा चौधरी ने उन्हें सहयोग देने का वादा किया तो उनके उत्साह में और वृद्धि हुई और मंडावा का चयन किया गया है.

दो दिन के दौरे पर पिछले दिनों झुंझुनूं आए एमडी वीएस भाटी ने बताया कि केवल इसी क्रम में ही नहीं. डिस्कॉम अब कनेक्शन के लिए कैंप लगाने जा रहा है। जहां पर सर्वाधिक बिजली चोरी के मामले सामने आ रहे है, वहां पर कैंप लगाए जाएंगे. यानि कि जिन उपभोक्ताओं के पास कनेक्शन नहीं है, उन्हें डिस्कॉम खुद चलाकर कनेक्शन देगा. ताकि वे विजिलेंस की कार्रवाई से बचे. फिर भी वे कनेक्शन नहीं लेते तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी. उन्होंने झुंझुनूं में इसके लिए खेतड़ीनगर और मंडावा का चयन किया है.

प्रशासनिक अधिकारी हो या फिर जनप्रतिनिधि, या फिर किसी भी तरह की वो बैठकें, जो आमजन से जुड़ी हुई है. उसमें सर्वाधिक मामले अभी भी बिजली से जुड़े आते है. यदि आदर्श सब डिवीजन का परिकल्पना साकार होती है तो यह तय है आने वाले समय में प्रशासनिक अधिकारी अपनी बैठकों में समस्या समाधान की बजाय विकास पर चर्चा कर सकेंगे.