राजस्थान में नौकरियों की बहार, अध्यापक पात्रता परीक्षा की तैयारियों में जुटी सरकार

पिछले दो सालों अध्यापक पात्रता परीक्षा का इंतजार कर रहे लाखों बेरोजगारों के लिए सरकार की ओर से बड़ी राहत की खबर है.   

राजस्थान में नौकरियों की बहार, अध्यापक पात्रता परीक्षा की तैयारियों में जुटी सरकार
फाइल फोटो

ललित कुमार, जयपुर: पिछले दो सालों अध्यापक पात्रता परीक्षा का इंतजार कर रहे लाखों बेरोजगारों के लिए सरकार की ओर से बड़ी राहत की खबर है. सरकार जल्द ही अध्यापक पात्रता परीक्षा करवाने की तैयारी में जुटी है. इसी को लेकर पिछले दिनों शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा ने सचिवालय में शिक्षा अधिकारियों की मीटिंग ली. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि रीट परीक्षा अप्रैल या मई में आयोजित हो सकती है.

वर्ष 2015 से पहले शिक्षक भर्ती के साथ ही अध्यापक पात्रता परीक्षा का आयोजन आरटेट के माध्यम से किया जाता था और राजस्थान में वर्ष 2011 और वर्ष 2011 में दो बार आरटेट परीक्षा का आयोजन हुआ लेकिन वर्ष 2013 में BJP सरकार के सत्ता में आने के साथ ही अध्यापक पात्रता परीक्षा को रीट के माध्यम से करवाने का फैसला लिया. एनसीटीई के आदेशों के तहत जहां यह परीक्षा हर साल आयोजित होनी थी लेकिन वर्ष 2012 के बाद जहां परीक्षा का आयोजन फरवरी 2015 में हो पाया तो साथ ही उसके बाद वर्ष फरवरी 2018 में इस परीक्षा का आयोजन हुआ लेकिन उसके बाद से ही प्रदेश के सैकड़ों बेरोजगारों को करीब दो साल से इस परीक्षा के आयोजन का इंतजार है.

सरकार की ओर से जब रीट अध्यापक पात्रता परीक्षा की शुरूआत की गई तो उसमें कई विसंगतियां ऐसी रहीं, जिसका पूरे प्रदेश में लगातार विरोध देखने को मिला, जिसमें पहला था ग्रेज्युएशन में 30 फीसदी अंकों का वेटेज. साथ ही एक बार परीक्षा का प्रमाण पत्र की तीन सालों तक के लिए वैद्यता. साथ ही बाहरी राज्यों का कोटा और राजस्थान के सामान्य ज्ञान का कम होना भी एक बड़ी समस्या रही.

पिछले 5 सालों में दो बार आयोजित हुई अध्यापक पात्रता परीक्षा में वर्ष 2015 में जो परीक्षा हुई थी, उसके माध्यम से लेवल प्रथम और लेवल द्वितीय में 15 हजार पदों पर भर्तियां की गई. वहीं 2018 में हुई रीट पात्रता परीक्षा के आधार पर लेवल प्रथम और लेवल द्वितीय में 54 हजार पदों पर नियुक्ति प्रक्रिया पूरी की गई.

राजस्थान बेरोजगार एकीकृत महासंघ अध्यक्ष उपेन यादव ने अध्यापक पात्रता परीक्षा को लेकर कहा कि पिछले दो सालों से परीक्षा का इंतजार करीब 10 लाख के ज्यादा बेरोजगार कर रहे हैं. क्योंकि कांग्रेस ने बजट घोषणा में अध्यापक भर्ती की बम्बर सौगात दी है. ऐसे में अगर सरकार की ओर से समय पर परीक्षा का आयोजन होता है तो बड़ी संख्या में बेरोजगारों को नियुक्तियों की सौगात मिलेगी. साथ ही अगर विसंगतियों को दूर कर इस भर्ती का आयोजन किया जाता है तो बड़ी संख्या में पहले से नियुक्त अध्यापक दोबारा जिला बदलने के लिए आवेदन नहीं कर पाएंगे.

दूसरी ओर अध्यापक पात्रता परीक्षा का इंतजार कर रहे बेरोजगारों के लिए भी सरकार की ओर से ये बड़ी राहत की खबर है कि सरकार अगले 4 से 5 महीनों में रीट परीक्षा का आयोजन करवाने जा रही है. बेरोजगार सुशील और अरविंद का कहना है कि विसंगतियों के चलते पिछली भर्तियों में भी काफी समस्या का सामना करना पड़ा था. ऐसे में सरकार को चाहिए कि अध्यापक पात्रता का परीक्षा में विसंगतियों को दूर कर फिर आयोजन करवाया जाए.