कोटा में कोरोना की जांच रिपोर्ट पर खुद राजस्थान सरकार ने विधायक ने उठाए सवाल

कुछ उद्योगपतियों की शह पर कोटा को ग्रीन जोन में डालने की जल्दबाजी करके जनता की स्वास्थ्य सुरक्षा को खतरे में डाला जा रहा है.  

कोटा में कोरोना की जांच रिपोर्ट पर खुद राजस्थान सरकार ने विधायक ने उठाए सवाल
रामनारायण मीणा ने अपने साथ मंच पर ही मौजूद कोटा के प्रशासनिक अधिकारियों को सकते में डाल दिया.

कोटा: जिले में कोरोना जागरुकता अभियान के शुभारंभ समारोह के दौरान पीपल्दा से कांग्रेस के विधायक रामनारायण मीणा ने अपने साथ मंच पर ही मौजूद कोटा के प्रशासनिक अधिकारियों को सकते में डाल दिया.

उन्होंने कोटा के कोरोना फाइटिंग मॉडल पर ही खुलकर सवाल खड़े कर डाले. इस दौरान समारोह के मुख्य़ अतिथि परिवहन मंत्री प्रतापसिंह खाचरियावास को संबोधित करते हुए मीणा ने सबसे पहले कहा कि टोल नाकों पर स्वास्थ्य जांच दल लगाने का सीएमएचओ का दावा सरासर झूठा है.

बाद में तो मीणा ने कोटा के कोरोना टेस्टिंग सिस्टम पर ही शक जाहिर करते हुए खुलकर इस बात तक का अंदेशा जता दिया कि कुछ उद्योगपतियों की शह पर कोटा को ग्रीन जोन में डालने की जल्दबाजी करके जनता की स्वास्थ्य सुरक्षा को खतरे में डाला जा रहा है.  

हालांकि इस पर बाद में कोटा के प्रभारी मंत्री और प्रदेश सरकार के परिवहन मंत्री प्रताप सिंह खाचरियावास से मीडिया ने सवाल किया तो प्रताप सिंह ने कहा कि विधायक जनप्रतिनिधि ही जनता को रखते हैं. कोरोना के हालात गंभीर हैं, ऐसे में टेस्ट रिपोर्ट में कोई लापरवाही न हो, इस बात को विधायक ने रखा है. 

बता दें कि कोटा कोरोना के हॉट स्पॉट के तौर पर बना हालात बिगड़े, वो भी लॉकडाउन के बीच लेकिन अब अनलॉक है. ऐसे में कोटा में कोरोना पॉजिटिव का आंकड़ा पहले के मुकाबले काफी कम रह गया है और उसी बदौलत कोटा अब रेड जोन से ऑरेंज जॉन में आकर ग्रीन जोन में आने की दहलीज पर खड़ा है और इन्हीं हालातो के साथ विधायक रामनारायण मीणा प्रशासन और स्वास्थ महकमे पर टेस्ट रिपोर्ट को लेकर सवाल खड़ा कर रहे हैं.