राजस्थान सरकार की पहल, उच्च शिक्षा में बालिकाओं की पढ़ाई होगी निशुल्क

जुलाई से शुरू होने वाले नये सत्र में अब पहले चरण के तहत सरकारी कॉलेजों में बालिकाओं से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा

राजस्थान सरकार की पहल, उच्च शिक्षा में बालिकाओं की पढ़ाई होगी निशुल्क
राज्य सरकार अन्य मदों की फीस को भी माफ करने की तैयारी कर रही है

ललित कुमार/जयपुर: नई सरकार ने आते ही शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार की कवायद शुरू कर दी है. उच्च शिक्षा में गिरती रैंकिंग को सुधारने साथ ही बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने को लेकर अब सरकार ने मंथन शुरू कर दिया है. उच्च शिक्षा में बालिका नामांकन में वृद्धि के लिए कांग्रेस सरकार आगामी सत्र से बालिका शिक्षा को पूरी तरह से निशुल्क करने की कवायद में जुट गई है. साथ ही पहले चरण में प्रदेश के सरकारी कॉलेजों में निशुल्क बालिका शिक्षा को शुरू किए जाने की पूरी तैयारी कर ली है. जुलाई माह से शुरू होने वाले नये सत्र से ही बालिका शिक्षा को निशुल्क करने पर उच्च शिक्षा विभाग पूरी तरह से कटीबद्ध नजर आ रहा है.

हालांकि अभी सरकार ने प्रदेश में कक्षा 8वीं तक बालिका शिक्षा को पूरी तरह से निशुल्क कर रखा है, चाहे वो पुस्तकें, कपड़े या फीस हो. वहीं कक्षा 9 के बाद शिक्षण शुल्क को छोड़कर विकास शुल्क, साइकिल स्टैंड शुल्क, लाइब्रेरी शुल्क सहित कई रूप में फीस ली जा रही है. लेकिन अब सरकार उच्च शिक्षा विभाग इस शुल्क को भी माफ करने की कवायद में जुट गयी है. जुलाई से शुरू होने वाले नये सत्र में अब पहले चरण के तहत सरकारी कॉलेजों में बालिकाओं से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाएगा.

साथ ही राज्य सरकार अन्य मदों की फीस को भी माफ करने की तैयारी कर रही है. उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने बताया की निशुल्क शिक्षा शुरूआत प्रथम चरण में सरकारी कॉलेजों से की जाएगी. पहले चरण में प्रदेश के सभी 252 सरकारी कॉलेजों में बेटियों की शिक्षा को निशुल्क किया जाएगा. अगले चरण में इस प्रदेश के सरकारी विश्व विद्यालयों में लागू किया जाएगा.

उच्च शिक्षा मंत्री भंवर सिंह भाटी ने बताया की प्रदेश में उच्च शिक्षा में बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने ये कदम उठाया है. साथ ही उच्च शिक्षा से ड्रॉप आउट हुई बालिकाओं को भी फिर से शिक्षा से जोड़ने के चरणबद्ध प्रयास शुरू किए जाएंगे. भंवर सिंह भाटी ने बताया कि बीते कुछ सालों से प्रदेश में उच्च शिक्षा का स्तर काफी गिरा है, वहीं बालिका शिक्षा का नामांकन भी घटा है. ऐसे में बालिका नामांकन को फिर से बढ़ाने के भी उच्च स्तर पर कदम उठाए जाएंगे.

बहरहाल, अगर पिछले 5 सालों की बात की जाएगी तो राजस्थान में उच्च शिक्षा के स्तर में काफी गिरावट आई है. उच्च शिक्षा में राजस्थान काफी पिछड़ा भी है. ऐसे में नई सरकार एक बार फिर से उच्च शिक्षा को पटरी पर लाने की कवायद में जुट गया है. अब देखना होगा की कांग्रेस सरकार की निशुल्क बालिका शिक्षा कहां तक कारगर साबित होती है.