राजस्थान: बाल-विवाह के बयान पर मुश्किल में BJP नेता, सच निकला तो होगी कार्रवाई

भाजपा उम्मीदवार शोभा चौहान ने कहा था कि उनके निर्वाचित होने के बाद बाल विवाह में पुलिस किसी तरह की रुकावट पैदा नहीं करेगी. 

राजस्थान: बाल-विवाह के बयान पर मुश्किल में BJP नेता, सच निकला तो होगी कार्रवाई
विवादित बयान सच पाया गया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

नयी दिल्ली: राष्ट्रीय बाल अधिकार संरक्षण आयोग (एनसीपीसीआर) के अध्यक्ष प्रियंक कानूनगो ने बुधवार को कहा कि अगर राजस्थान विधानसभा चुनाव में एक भाजपा उम्मीदवार की ओर से बाल विवाह के संदर्भ में कथित तौर पर दिया गया विवादित बयान सच पाया गया तो उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी.

खबरों के मुताबिक, हाल ही में एक चुनावी सभा के दौरान पाली जिल के सोजात विधानसभा सीट से भाजपा उम्मीदवार शोभा चौहान ने कहा था कि उनके निर्वाचित होने के बाद 'बाल विवाह में पुलिस किसी तरह की रुकावट पैदा नहीं करेगी'. 

प्रियंक कानूनगो ने यहां संवाददाताओं से कहा, 'अगर ऐसी टिप्पणी की गई है तो यह गलत है. मैं इसके बारे में अवगत नहीं हूं. लेकिन अगर यह सच है तो हम इसका संज्ञान लेंगे और कार्रवाई करेंगे'. उधर, महिला एवं बाल विकास मंत्रालय ने कहा है कि देश के भीतर भविष्य में होने वाले सभी बाल विवाहों को गैरकानूनी करार देने के लिए कैबिनेट के समक्ष प्रस्ताव पेश करेगा.

हालांकि प्रदेश में विधानसभा चुनाव के लेकर प्रचार में विवादित बयानों का सिलसिला अपने उफान पर था. चुनाव प्रचार में पिछले 15 दिनों में भाजपा कांग्रेस की तरफ से जमकर घमासान हुआ. एक दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप के दौर चले. जाति से लेकर शुरू हुआ विवादों का मुद्दा गोत्र से होता हुआ बजरंगबली की जाति तक जा पहुंचा. फिर भारत माता की जय से लेकर कांग्रेस की विधवाएं जैसे शब्दों तक आकर ठहरा.

चुनाव प्रचार में भाजपा और कांग्रेस दोनों ही दलों के नेताओं के बयान सुर्खियों में रहे हैं. प्रचार के शुरुआती दौर में बीड़ी कला के सोनिया गांधी की जय के वीडियो से हंगामा हुआ तो सीपी जोशी की जाति का मुद्दे ने राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी को माफी मांगने पर मजबूर किया. एक तरफ योगी आदित्यनाथ के बजरंगबली की जाति के बयान पर भी खूब हो हल्ला हुआ तो वहीं अशोक गहलोत ने जहां मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के झुक कर प्रणाम करने की बात पर भाजपा ने हंगामा किया.

यहां तक कि राहुल गांधी के गोत्र को लेकर दोनों दलों की तरफ से एक दूसरे पर हमले हुए. चुनाव प्रचार के आखिरी समय तक आते आते बयान बाजी का स्तर भारत माता की जय के विवाद से लेकर कांग्रेस की विधवाओं तक के स्तरहीन शब्दों तक जा पहुंचा. लेकिन प्रमुख नेताओं स्टार प्रचारकों के अलावा दोनों ही दलों की तरफ से बड़े नेताओं ने चुनाव प्रचार की कमान संभाले रखी. 

गौरतलब है कि 200 विधानसभा सीटों में से 199 सीटों पर सात दिसम्बर को मतदान होगा. चुनाव आयोग ने अलवर जिले की रामगढ़ सीट पर बसपा उम्मीदवार लक्ष्मण सिंह के निधन के कारण चुनाव स्थगित कर दिया. चुनाव के परिणाम 11 तारीख को परिणाम आएंगे. अब देखना ये है कि जनता किस दल के हाथों में राजस्थान की कमान सौंपती है.

(इनपुट-भाषा)