चुनाव के समय ही केंद्र से पैसा लाने की बात क्यों कर रही बीजेपी: सचिन पायलट

बीजेपी ने अपने 'दृष्टि-पत्र' में स्मार्ट राज, अमृत योजना और स्मार्ट सिटी के काम को रफ्तार देने की बात कही. इसके साथ ही प्रदेश में विपक्ष में बैठी बीजेपी ने केंद्र से वित्तीय सहायता लाकर शहरी विकाय की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का दावा भी किया.

चुनाव के समय ही केंद्र से पैसा लाने की बात क्यों कर रही बीजेपी: सचिन पायलट
पायलट ने कहा कि बीजेपी को यह सब बातें चुनाव के समय ही क्यों याद आती हैं?

जयपुर: निकाय चुनाव (Rajasthan Urban Body Elections 2019) के संग्राम के लिए कांग्रेस-बीजेपी (Congress-BJP) अब आमने-सामने है. ज्यादातर सीटों पर मुख्य मुकाबला भी इन्हीं दो पार्टियों के बीच माना जा रहा है लेकिन इन सबके बीच कांग्रेस ने बीजेपी के दृष्टि पत्र को लेकर बड़ा सवाल उठाया है. बीजेपी (BJP) ने अपने घोषणा पत्र में केंद्र से वित्तीय सहायता लाने की बात कही है और इसी बात पर कांग्रेस ने सवाल उठाए हैं. 

निकाय चुनाव (Rajasthan Urban Body Elections 2019) में कांग्रेस और बीजेपी ने भले ही सौ फीसदी सीटों पर अपने प्रत्याशी नहीं उतारे हों लेकिन फिर भी इन चुनाव में मुख्य मुकाबला दोनों पार्टियों में ही है. इस चुनाव में भी कांग्रेस-बीजेपी लोगों के बीच अपने घोषणा पत्र के साथ जा रहे हैं. पहले बीजेपी ने अपना 'दृष्टि-पत्र' जारी किया तो एक दिन बाद कांग्रेस ने भी अपना घोषणा पत्र जनता के सामने रख दिया.

बीजेपी ने अपने 'दृष्टि-पत्र' में स्मार्ट राज, अमृत योजना और स्मार्ट सिटी के काम को रफ्तार देने की बात कही. इसके साथ ही प्रदेश में विपक्ष में बैठी बीजेपी ने केंद्र से वित्तीय सहायता लाकर शहरी विकाय की योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का दावा भी किया.

बीजेपी ने अपने घोषणा पत्र में केंद्र से वित्तीय सहायता लाने और योजनाओं को बेहतर तरीके से लागू करने की बात की तो कांग्रेस ने सवाल उठाए. पीसीसी चीफ और प्रदेश के उप-मुख्यमंत्री सचिन पायलट (Sachin Pilot) ने इसे बीजेपी का चुनावी जुमला करार देते हुए कहा कि केंद्र में बीजेपी की सरकार छह साल से है और प्रदेश में भी पांच साल बीजेपी सरकार रही. तब बीजेपी ज्यादा पैसा क्यों नहीं लाई? पायलट ने कहा कि बीजेपी को यह सब बातें चुनाव के समय ही क्यों याद आती हैं?

क्या कहना है इस पर बीजेपी का
बीजेपी के 'दृष्टि-पत्र' को तैयार करने में अहम भूमिका निभाने वाले पार्टी नेता ओंकार सिंह लखावत कहते हैं कि भले ही कांग्रेस उनके घोषणा पत्र से हैरान हों, सवाल भी उठाएं लेकिन शहरी विकास का मुद्दा संविधान में समवर्ती सची के तहत शामिल किया गया है. लिहाजा उस पर केंद्र से पैसा मांगा जा सकता है और काम भी कराया जा सकता है.

लखावत ने कहा कि इससे पहले भी केंद्र ने राजस्थान में काम के लिए स्मार्ट राज, स्मार्ट सिटी, हृदय योजना और कृष्णा सर्किट समेत कई योजनाओं के लिए पैसा दिया है. केंद्र से आने वाले पैसे पर सवाल उठाने का मामला पहली बार ही देखा है. गौरतलब है कि बीजेपी और कांग्रेस के बीच चुनावी दौर में एक-दूसरे के घोषणा पत्र पर सवाल उठाए जा रहे हैं. ऐसा ही लोकसभा चुनाव के समय भी हुआ था और अब निकाय चुनाव में भी यही हो रहा है.