Sawai madhopur: "विशिष्ट फसलों में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण", दो दिवसीय सेमिनार का होगा आयोजन
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Sawai madhopur: "विशिष्ट फसलों में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण", दो दिवसीय सेमिनार का होगा आयोजन

Sawai Madhopur: सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय स्थित फूल उत्कृष्टता केंद्र में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्तर्गत दो दिवसीय "विशिष्ट फसलों में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण" विषय पर कृषक सेमिनार आयोजित की जा रही है.किसान एक फसल पर निर्भर नहीं रहे वे खाद्यान्न के साथ-साथ बागवानी एवं फूल उत्पादन करें. 

"विशिष्ट फसलों में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण"

Sawai Madhopur: सवाई माधोपुर जिला मुख्यालय स्थित फूल उत्कृष्टता केंद्र में राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के अन्तर्गत दो दिवसीय "विशिष्ट फसलों में प्रौद्योगिकी हस्तांतरण" विषय पर कृषक सेमिनार आयोजित की जा रही है. सेमिनार का शुभारंभ कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीना द्वारा किया गया .

विभिन्न योजनाएं कृषक कल्याण  के लिए 
 सेमिनार के दौरान कृषि एवं उद्यानिकी मंत्री ने कृषकों को सम्बोधित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा कृषक कल्याण संबंधी विभिन्न योजनाएं चलाई जा रही हैं,किसानों को इन योजनाओं का जागरूक होकर लाभ लेना चाहिए. कृषक परम्परागत कृषि के स्थान पर कृषि की नवीनतम तकनीकों एवं नवाचारों को अपनाए ताकि किसानों की आय में वृद्धि हो सके. किसान एक फसल पर निर्भर नहीं रहे वे खाद्यान्न के साथ-साथ बागवानी एवं फूल उत्पादन करें. 

किसानों की आय को बढ़ावा देने के लिए काम 
उन्होंने कहा कि जैविक उत्पादन को बढ़ावा देकर इनकी पैकेजिंग और मार्केटिंग के माध्यम से किसानों की आय को बढ़ावा देने के लिए सरकार प्रयासरत है. सेमिनार के दौरान कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा विभिन्न सत्रों में राष्ट्रीय बागवानी मिशन के तहत जिले के किसानों को बागवानी, बागवानी फसलों में पोषक तत्वों का प्रबंधन, मसाला कृषि एवं जैविक कृषि की नवीनतम पद्धतियों, मधुमक्खी पालन के लाभ आदि के बारे में जानकारी दी गई.

तकनीक से अवगत करवाया
 इस दौरान किसानों को संरक्षित खेती, ऑर्गेनिक फार्मिंग, वर्मी कम्पोस्ट निर्माण, प्लास्टिक मल्च की स्थापना व उद्यानिकी गतिविधियों, संरक्षित खेती, पॉली हाउस, शेडनेट हाउस , प्लास्टिक मल्च द्वारा सब्जियों की खेती से किसानों की आय में वृद्धि करने के तरीकों के बारे में जानकारी दी गई। साथ ही किसानों को परम्परागत कृषि के साथ-साथ रजनीगंधा, ग्लेडियोलस, गुलाब, गुलदाउदी आदि फूलों की खेती करने की तकनीक से अवगत करवाया गया.

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